उदयपुर की होटल सिटी प्राइड में थाइलैंड की तीन महिलाएं मिलीं। होटल संचालक ने अवैध रूप से महिलाओं को अपने होटल में ठहराया था। इसके बाद सीआईडी की तरफ से होटल संचालक शान्तनु सोनी पुत्र राजेश सोनी निवासी जोधपुर हाल चुंगीनाका सेक्टर-11 के खिलाफ गोवर्धन विलास थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। थाईलैंड मूल की इन महिलाओं के वीजा और पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वे अवैध रूप से उदयपुर में रह रही थीं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इनमें से एक महिला को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था, लेकिन वह दोबारा नेपाल बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर उदयपुर पहुंच गई। बता दें, उदयपुर पुलिस और सीआईडी ने एक सप्ताह पहले होटल से थाईलैंड निवासी 3 महिलाओं को डिटेन किया था। पुलिस ने उस वक्त होटल के विजिटर रजिस्टर की जांच की, तो इसमें इन विदेशी महिलाओं के ठहरने की कोई एंट्री नहीं थी। होटल संचालक ने इस सूचना को छिपाया और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं दी। विदेशी महिलाओं से होटल में करवाया जा रहा था स्पा का काम पुलिस जांच में सामने आया कि होटल संचालक की ओर से विदेशी महिलाओं से स्पा का काम करवाया जा रहा था और इनके संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की सूचना सामने आई थी। एएसपी डॉ. विक्रम सिंह ने बताया- विदेशी नागरिकों का इस तरह बिना वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से रहना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। उनके राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस लापरवाही और कानून के उल्लंघन को लेकर होटल मालिक के खिलाफ इमीग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 7(2) और धारा 29 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।