एसीबी इंटेलीजेंस यूनिट उदयपुर ने राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के वरिष्ठ सहायक शेखर मथुरिया को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि क्लेम राशि पास कराने की एवज में आरोपी ने रिश्वत मांग की थी। ​ युनिट उदयपुर को यह शिकायत मिली थी कि परिवादी की भांजी (सरकारी शिक्षिका) की मौत हो गई थी। जिसके बाद ​परिवादी डेथ क्लेम को पास कराने बीमा विभाग गया था। ऐसे में आरोपी ने क्लेम पास कराने और कमियों की पूर्ति कर ज्यादा क्लेम राशि पास करवाने की एवज में पहले 7.50 रुपए की मांग की थी। कहता- क्लेम पास नहीं होगा इसके लिए परिवादी को क्लेम पास नहीं होने की बात बोलते हुए बार-बार परेशान किया जा रहा था। परिवादी से 11 मई को 1.50 लाख रुपए की रिश्वत राशि लेने पर सहमति हुई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप का जाल बिछाया। आज मंगलवार को 1.50 में से एक लाख रुपए प्रथम किश्त लेते हुए आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। डॉ. सोनू शेखावत ने ट्रैप किया उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में युनिट उदयपुर की प्रभारी पुलिस निरीक्षक डॉ. सोनू शेखावत ने ट्रेप कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमाला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ व आगे की कार्रवाई जारी है।