उदयपुर में बिजली विभाग की लापरवाही से एक युवक की मौत हो गई। युवक दूध लाने के लिए अपने घर से निकला था। इतने में ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार टूटकर उस पर गिर गए और आग लग गई। युवक की झुलसने से मौत हो गई। हादसा उदयपुर शहर से सटे लकड़वास में शुक्रवार सुबह 7 बजे का है। शव एमबी हॉस्पिटल की मॉच्युरी में रखवाया गया है। हादसे से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण झामर कोटड़ा- उदयपुर मार्ग बंद कर प्रदर्शन किया। करीब 3 घंटे पुलिस और प्रशासन समझाइश की। 5 लाख रुपए अन्य मांगों पर परिजनों से सहमति बनी। घर से 20 मीटर की दूरी पर हादसा जानकारी अनुसार- हादसे में लहरीलाल (38) पुत्र कुकाराम वागरिया की मौत हुई है। वे आज सुबह दुकान से दूध लाने के लिए अपने घर से निकले थे। घर के सामने बिजली के खंभे पर तार लटक रहे थे। वे घर से निकले, इतने में तार टूटकर उन पर गिरा और आग लग गई। बताया जा रहा है कि आस-पास लकड़ियां पड़ी थी। इस कारण आग भभक गई। युवक बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। घर से करीब 20 मीटर दूर ही हादसा हो गया। मांगों पर सहमति बनने पर खोला जाम हादसे के बाद ग्रामीणों और परिजनों परिजनों ने झामर कोटड़ा- उदयपुर मार्ग बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। धरने पर मृतक की पत्नी और बेटियां बेसुध हो गई। उन्हें ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने संभाला। सूचना पर पुलिस पहुंची और समझाइश की। करीब 3 घंटे प्रदर्शन के बाद 5 लाख आयुष्मान से 5 लाख बिजली विभाग से बाकी पालनहार योजना से परिवार को पेंशन। इसके अलावा और जो भी सरकारी मदद हो पाएगी, पर सहमति बनी। इसके बाद जाम खोला गया। बिजली विभाग की लापरवाही से हादसा परिवार के लोग घर में सो रहे थे। हादसे का पता लगते ही कोहराम मच गया। उनके 7 बच्चे है, जिसमें 1 बेटा और 6 बेटियां है। कुछ महीनों बाद 2 बड़ी बेटियों की शादी होने वाली थी। ग्रामीणों का कहना है कि हादसा बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है। कई गांवों में बिजली की चालू लाइन टूटी हुई है। करंट का खतरा होने के बावजूद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।