उदयपुर में भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद टूरिज्म का हैरान करने वाला ट्रेंड देखने को मिला है। अमूमन मई और जून के महीनों में कड़कड़ाती धूप के कारण पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा छा जाता था। इस साल (2026) मई और जून के महीनों में सैलानियों ने उदयपुर पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना दिया है। पर्यटन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मई और जून 2026 में कुल मिलाकर 2,52,886 पर्यटक उदयपुर पहुंचे। इनमें 2,47,750 भारतीय और 5,136 विदेशी सैलानी शामिल हैं। यह आंकड़ा पिछले साल यानी 2025 में 2,50,932 था। 2025 के मुकाबले इस साल करीब 1,954 अधिक पर्यटक आए। प्री-कोविड से दोगुना हुआ टूरिज्म साल 2018-19 के दौर (1.19 लाख) के मुकाबले 2026 में गर्मी का टूरिज्म बढ़कर दोगुना (2.47 लाख भारतीय) हो गया है। ऑफ-सीजन का ट्रेंड खत्म हो रहा है। अब लोग वीकेंड और समर वेकेशन में भी झीलों के शहर का रुख कर रहे हैं। लोकल इकोनॉमी को मिला बूस्ट होटल, रिसॉर्ट, टैक्सी, हस्तशिल्प और रेस्तरां कारोबार को गर्मी के मौसम में भी बंपर बिजनेस मिला है। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि झीलों की खूबसूरती, ऐतिहासिक महल और मानसून की जल्द शुरुआत होने की उम्मीद ने पर्यटकों को अपनी ओर खींचा है। कोरोना से पहले साल 2018 के मई-जून में 1,19,753 भारतीय और साल 2019 में 1,19,975 भारतीय पर्यटक उदयपुर आए थे। इसके बाद 2020 और 2021 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण जून के महीने में यह संख्या गिरकर महज 149 और 10,490 पर सिमट गई थी। प्री-कोविड काल के 1.19 लाख के आंकड़े से लेकर अब 2026 में केवल मई-जून में 2.47 लाख भारतीय सैलानियों का पहुंचना यह साबित करता है कि उदयपुर में समर टूरिज्म कोरोना से पहले के दौर से भी दोगुना मजबूत हो चुका है। 5 हजार से ज्यादा विदेशी उदयपुर आए वहीं, मई-जून 2026 में 5,136 विदेशी पर्यटक उदयपुर पहुंचे, जो 2025 के 4,832 के आंकड़े से थोड़े बेहतर हैं। हालांकि 2018 और 2019 के प्री-कोविड दौर में मई-जून में यह संख्या 8,000 से 10,000 के बीच रहती थी। इससे साफ है कि विदेशी टूरिज्म में सुधार तो हो रहा है, लेकिन घरेलू पर्यटन की तुलना में इसकी रफ्तार अभी थोड़ी धीमी बनी हुई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया- वीकेंड टूरिज्म के बढ़ते क्रेज के कारण होटल और रिसॉर्ट्स की बुकिंग में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। गुजरात और दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी होने की वजह से सैलानी अब 2 से 3 दिन की छोटी छुट्टियों में लेकसिटी का रुख कर रहे हैं। इसके अलावा लग्जरी होटलों में मिलने वाले समर डिस्काउंट्स, रिसॉर्ट्स का कम्फर्ट और झीलों के किनारे सुहावनी शाम पर्यटकों को पसंद आ रही है। मई और जून के महीनों में पर्यटकों की इस भारी आवाजाही से शहर का होटल, रिसॉर्ट, रेस्तरां, टैक्सी सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय बाजार पूरी तरह से गुलजार रहे हैं। पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि यदि जुलाई और अगस्त में मानसून अच्छा रहा तो आने वाले दिनों में सैलानियों का यह आंकड़ा और भी बड़ा रिकॉर्ड बनाएगा।