उदयपुर की पेराफेरी पंचायतों में पट्टों की मांग को लेकर पेराफेरी जिला संघर्ष समिति ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। संघर्ष समिति के संयोजक चंदन सिंह देवड़ा के नेतृत्व में एक कोर कमेटी ने बुधवार को कलेक्टर गौरव अग्रवाल से मुलाकात की। समिति ने आबादी भूमि हस्तांतरण (ट्रांसफर) के काम में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई है। संघर्ष समिति ने संयोजक चंदन सिंह देवड़ा ने बताया कि अधीनस्थ तहसीलदारों और यूडीए (उदयपुर विकास प्राधिकरण) सचिव के नेतृत्व वाली कमेटी को साफ निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आबादी हस्तांतरण का काम अधूरा पड़ा है। काम पूरा नहीं होने से कई परिवार पट्टों के लिए आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। इस पर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने आश्वासन दिया है कि वो इस काम में तेजी लाएंगे और आबादी भूमि को नगर निगम और संबंधित पेराफेरी पंचायतों को ट्रांसफर करवाकर आम जनता को पट्टे दिलवाएंगे। असल में कलेक्टर ने 25 जून को निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार के नाम दर्ज आबादी भूमि को तुरंत संबंधित निगम और पंचायतों के नाम किया जाए। इसके बावजूद गिर्वा तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। अधिकारी आधे-अधूरे आराजी (जमीन) की रिपोर्ट बनाकर बार-बार ऊपर से मार्ग दर्शन मांग रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ आबादी नामांतरण खोलना है। 41 गांवों की एनओसी कलेक्टर को दी यूडीए सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने आबादी हस्तांतरण के लंबित पड़े 41 गांवों के मामलों में एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) कलेक्टर ऑफिस भेज दी है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि इसके अलावा भी पेराफेरी गांवों की आबादी से लगती हुई जो भी जमीन है, जिस पर लोग बसे हुए हैं, उसे तुरंत संबंधित पंचायत को ट्रांसफर किया जाए ताकि लोगों को पट्टे मिल सकें। हाईकोर्ट में पार्टी बनने को तैयार है संघर्ष समिति हाल में हाईकोर्ट ने राजकीय भूमि नियमन पर अंतरिम रोक लगाई है। इस मामले में संघर्ष समिति अब जनता की तरफ से कोर्ट में पार्टी बनने को तैयार है। संयोजक चंदन सिंह देवड़ा ने कहा कि जब 40 सालों में सरकारों के आदेश के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों ने आबादी विस्तार नहीं किया, तो इसका खामियाजा आम जनता क्यों भुगते? सरकारी जमीन पर सालों से बसे लोगों को राहत मिलनी ही चाहिए। अतिक्रमण के पक्ष में नहीं, लेकिन हक लेकर रहेंगे समिति ने साफ किया है कि वे खाली जमीन पर नए अतिक्रमण या उसके नियमन के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। लेकिन जो लोग सालों से बसे हैं, उन्हें पट्टे हर हाल में मिलने चाहिए। अगर इसमें कोई भी रुकावट आएगी, तो प्रभावित जनता अपनी लड़ाई खुद लड़ेगी। कलक्टर से मुलाकात के दौरान कोर कमेटी के सदस्य और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें प्रकाश प्रजापत, ईश्वर पारगी, हेमराज गुर्जर, शंभू लाल, मोहन सिंह राठौड़, गजेन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, लोकेश पालीवाल, नवलराम डांगी, चेनराम, देवकिशन सुथार, सोहन लाल और विक्रम कालबेलिया शामिल थे।