उदयपुर में वकील को धमकी देने के मामले में पुलिस के खिलाफ सोमवार को दूसरे दिन भी वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। विरोध प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में बिस्तर लगा लिए और वहीं डिनर भी किया। सोमवार को वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस की सद्बुद्धि के लिए सुंदरकांड का पाठ कर विरोध जताया । उनकी मांग है कि सवीना थानाधिकारी को पद से हटाया जाए। शाम तक भी एसपी की ओर से कार्रवाई नहीं होने से वकीलों ने धरना जारी रखा। वकीलों ने कहा कि जब तक थानाधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, यहां से हिलने वाले नहीं है। वकीलों ने कलेक्ट्रेट में रात को सोने के लिए कुछ बिस्तर भी मंगवाए। इससे पहले रविवार शाम को भी करीब 3 घंटे तक वकीलों ने सवीना थाने का घेराव किया था। सवीना थानाधिकारी को हटाने की मांग असल में वकील को जान से मारने की धमकी देने के मामले में सवीना थानाधिकारी पर कार्रवाई नहीं होने से वकीलों में आक्रोशित है। सवीना थानाधिकारी दलबीर सिंह को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। वकील एसपी ऑफिस के ठीक नीचे दरियां बिछाकर धरने पर बैठे हैं। कलेक्ट्रेट में पुलिस जाब्ता तैनात धरने पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र जैन, पूर्व अध्यक्ष भरत जोशी, राकेश मोगरा सहित कई सीनियर वकील मौजूद हैं। वकीलों के बढ़ते आक्रोश और विवाद को देखते हुए जिला कलेक्ट्रेट में भारी पुलिस जाब्ता तैनात है। मौके पर डीएसपी छवि शर्मा और डीएसपी रविन्द्र चारण सहित 4 थानों के थानाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मोर्चा संभाले हुए हैं। प्रदर्शन में सवीना क्षेत्र के कुछ स्थानीय लोग भी वकीलों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं। पथराव के बाद कार्रवाई नहीं करने का आरोप बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी ने बताया कि यह पूरा विवाद साथी वकील राजेश जाजोदिया के रिश्तेदार देवेन्द्र अग्रवाल के गोविंद नगर स्थित प्लॉट से जुड़ा है। आरोपी कौशल आमेटा इस प्लॉट पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। रविवार को जब प्लॉट मालिक देवेन्द्र अग्रवाल और वकील वहां सफाई करवा रहे थे, तब आरोपी कौशल आमेटा ने उन पर पथराव कर दिया। चेतनपुरी गोस्वामी का आरोप है कि जब वकील ने इस हमले की रिपोर्ट थाने में दी, तो पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि थानाधिकारी की लापरवाही के कारण ही इलाके में भूमाफिया पनप रहे हैं, इसलिए सीआई को तुरंत थाने से हटाकर लाइन हाजिर किया जाना चाहिए। देखिए- धरने पर बैठे वकीलों की PHOTO'S वकीलों ने रविवार शाम सवीना थाने का किया था घेराव मामले को लेकर वकीलों ने रविवार शाम को भी सवीना थाने का घेराव किया था। उस दौरान वकीलों ने करीब तीन घंटे तक थाने पर प्रदर्शन कर रोष जताया था। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र जैन ने बताया कि उनके साथी वकील राजेश जाजोदिया रविवार दोपहर को एक मामले की शिकायत दर्ज कराने सवीना थाने गए थे। उसी समय आरोपी कौशल आमेटा भी थाने पहुंच गया। आरोप है कि कौशल आमेटा ने थाने के अंदर पुलिसकर्मियों के सामने ही वकील राजेश जाजोदिया को जान से मारने की धमकी दे डाली। इसके बावजूद सवीना थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। रात 9 बजे तक चला था हंगामा, एएसपी को दी थी शिकायत इससे पहले रविवार शाम को थाने में माहौल गर्माने की सूचना पर एएसपी उमेश ओझा और डीएसपी छवि शर्मा मौके पर पहुंचे थे। दोनों अधिकारियों ने नाराज वकीलों से समझाइश की कोशिश की। करीब 3 घंटे तक चले हंगामे के बाद रविवार रात करीब 9 बजे मामला शांत हुआ था। उस दौरान वकीलों ने एएसपी उमेश ओझा को सवीना थानाधिकारी दलबीर सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत देकर उन्हें तुरंत हटाने की मांग की थी। तब एएसपी ओझा ने आश्वासन दिया था कि एसपी स्तर पर इस मामले में संज्ञान लिया जाएगा, लेकिन सोमवार सुबह तक कार्रवाई नहीं होने पर वकील फिर से लामबंद हो गए थे। सीआई बोले- शिकायत मिलते ही शुरू कर दी थी कार्रवाई वहीं, इस मामले पर सवीना थानाधिकारी दलबीर सिंह का कहना है कि पुलिस ने शिकायत मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि गोविंद नगर स्थित प्लॉट पर शनिवार को तोड़फोड़ हुई थी। इस संबंध में वकील राजेश जाजोदिया और कौशल आमेटा दोनों पक्षों ने थाने में परिवाद दिया था। इस दौरान थाने में दोनों के बीच बहस भी हुई थी। विवादित प्लॉट पर दोनों पक्षों में हुआ था पथराव थानाधिकारी दलबीर सिंह का कहना है कि पुलिस कौशल आमेटा को पकड़ने का लगातार प्रयास कर रही थी, तभी सभी वकील एकत्र होकर थाने पहुंच गए। इससे पहले विवादित प्लॉट पर दोनों पक्षों के बीच आपस में पथराव हुआ था। सूचना मिलने पर जब वे खुद मौके पर पहुंचे, तो वहां कौशल आमेटा घायल अवस्था में पड़ा था और एक वकील को भी चोट लगी हुई थी।