उदयपुर नगर निगम में मेयर पद के लिए आज नामांकन किया गया। बीजेपी की तरफ से पारस सिंघवी का नाम फाइनल होने के बाद पारस सिंघवी ने नामांकन किया। इस दौरान वह काफी भावुक नजर आए और अपने साथी के गले मिलकर रोने लग गए। कांग्रेस से पूनम कुंवर ने मेयर पद के लिए नामांकन किया। हालांकि उदयपुर में बीजेपी को बहुमत है लेकिन मेयर पद के लिए आखिरी फैसला 21 सितंबर को ही होगा। पारस सिंघवी के साथ पार्टी जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, पूर्व मेयर जीएस टांक, रजनी डांगी, चंद्रसिंह कोठारी, पूर्व सभापति युधिष्ठिर कुमावत समेत कई बडे़ नेताओं ने नामांकन दाखिल कराया। सिंघवी के प्रस्तावक पार्षद पंकज बोराणा बने। सामर के लिए अड़े थे प्रदेशाध्यक्ष, आरएसएस के दखल के बाद फैसला मेयर के लिए प्रमोद सामर और दिनेश भट्‌ट के नाम पर बुधवार दोपहर 12 बजे तक सहमति नहीं बनने के बाद पार्टी ने सिंघवी के नाम पर मुहर लगा दी। आरएसएस की तरफ से पारस सिंघवी के नाम को पसंद किया गया। वहीं नामांकन के लिए जाते समय सिंघवी भावुक नजर आए। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ प्रमोद सामर के लिए अडे़ हुए थे। उन्होंने भट्‌ट के नाम पर सहमति नहीं जताई। दूसरी ओर शहर विधायक ताराचंद जैन दिनेश भट्‌ट के लिए लगातार पैरवी कर रहे थे। दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच 4 बार पार्षद और डिप्टी मेयर रह चुके सिंघवी ने आरएसएस पदाधिकारियों से पैरवी करवाई। सिंघवी के मेयर बनने के पीछे जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ की अहम भूमिका रही हैं। उधर, कांग्रेस की तरफ से पूनम कुंवर मेयर की प्रत्याशी के रूप में नामाकंन कर दिया है। पूनम कुंवर शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी है। इससे पहले दोपहर 12:30 बजे तक पार्टी के अंदर मेयर प्रत्याशी के नाम पर माथामच्ची होती रही। इससे पहले तक दोनों प्रमुख मेयर प्रत्याशी दिनेश भट‌्ट और प्रमोद सामर के अलावा 3 अन्य संभावित नामों पर चर्चा होती रही। लेकिन अंतिम मुहर पारस सिंघवी के नाम पर लगी हैं। अब डिप्टी मेयर के लिए दिनेश भट्ट और पंकज बोराणा में से किसी एक को चुना जा सकता है। भट्‌ट शहर में ब्राह्मण समाज और बोराणा ओबीसी चेहरे के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। नामांकन के आखिरी 2 घंटे में नाम फाइनल हुआ उदयपुर नगर निगम के 7 बोर्ड में ऐसा पहली बार हुआ है कि नामांकन के अंतिम 2 घंटे में बीजेपी अपने महापौर प्रत्याशी का नाम फाइनल किया गया। इस बार आधा दर्जन से ज्यादा दिग्गज चेहरों के मैदान में होने से पार्टी में विवाद बढ़ गया था। दिनेश भट‌्ट और प्रमोद सामर के नाम पर अंदरूनी विवाद था। कटारिया गुट और शहर विधायक तारचंद जैन प्रमोद सामर को किसी सूरत में नहीं बनाने पर अड़े रहे, तो जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह समेत कुछ पार्टी पदाधिकारी दिनेश भट्‌ट के नाम पर विरोध कर रहे हैं। पारस सिंघवी के महापौर के प्रत्याशी बनने के बाद व्हाट‌्स-एप ग्रुप में पूर्व पार्षद प्रेम सिंह शक्तावत ने पार्टी से प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का पोस्ट कर दिया। उन्होंने जिलाध्यक्ष गजपालसिंह को संबोधित करते हुए प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की बात लिखी। इसके बाद शहर भर में शक्तावत के इस घटनाक्रम की चर्चा रही। शक्तावत नगर परिषद् में बीजेपी के पार्षद रह चुके हैं और जिला कार्यकारिणी में भी पदाधिकारी रहे हैं। --- उदयपुर में दिग्गजों के साथ पीएचडीधारी और सीए भी जीते:भाजपा के ऑटो ड्राइवर मिथुन दा ने भी जीत की हासिल, करोड़पति उम्मीदवारों ने भी बाजी मारी