उदयपुर जिले में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के दूसरे चरण के तहत शुक्रवार को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान होगा। जिले की 6 पंचायत समितियों - बड़गांव, देवला, गोगुंदा, कोटड़ा, सायरा और सुलाव की कुल 189 ग्राम पंचायतों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। इन 189 पंचायतों में से एक पंचायत में सरपंच निर्विरोध चुना जा चुका है, ऐसे में शुक्रवार को 188 पंचायतों में सरपंच पद के लिए कुल 753 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इसके साथ ही सभी 189 पंचायतों के वार्ड पंच पदों के लिए भी वोटिंग होगी। जिले में कुल 458 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 89 हजार 323 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद शाम को ही ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना शुरू हो जाएगी और देर रात तक सभी परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। शनिवार को चुने गए वार्ड पंच मिलकर उपसरपंच का चुनाव करेंगे। 50 पंचायतों में सीधी टक्कर, हर सीट पर औसत 4 दावेदार 188 पंचायतों में 753 प्रत्याशी होने से औसतन हर पंचायत में सरपंच की एक कुर्सी के लिए 4 दावेदारों के बीच मुकाबला है। कुल 188 में से 50 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां केवल 2-2 प्रत्याशी ही मैदान में बचे हैं। यानी यहां सीधा आमने-सामने का मुकाबला होगा। इनमें सबसे ज्यादा सायरा में 14, गोगुंदा में 13, बड़गांव में 9, सुलाव में 8, देवला में 5 और कोटड़ा में केवल 1 पंचायत (उपली सुबरी) में सीधी टक्कर है। 39 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला: 39 ग्राम पंचायतों में 3-3 उम्मीदवार मैदान में होने से वहां त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिलेगा। दूसरे चरण की 189 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए कुल 1106 प्रत्याशियों ने 1108 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के दौरान 9 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हो गए और 1097 नामांकन वैध पाए गए। नाम वापसी के दौरान समाज और ग्रामीणों की समझाइश से करीब 31 फीसदी यानी 343 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। सबसे ज्यादा कोटड़ा में 104 और देवला में 63 लोगों ने पर्चे वापस लिए। गोगुंदा की सेमटाल में मंजू देवी निर्विरोध सरपंच, पंच के लिए पड़ेंगे वोट नामांकन वापसी के दिन ही गोगुंदा पंचायत समिति की सेमटाल ग्राम पंचायत में सरपंच का चुनाव निर्विरोध हो गया था। यहां सरपंच पद के लिए 4 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था, जिनमें से 3 के नाम वापस लेने के बाद मंजू देवी गमेती निर्विरोध सरपंच निर्वाचित घोषित की गईं। रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें पद की शपथ भी दिला दी है। हालांकि, सेमटाल पंचायत में कल वार्ड पंचों के चुनाव के लिए मतदान होगा। कोटड़ा की महाड़ी में सबसे ज्यादा 12 प्रत्याशी, बड़गांव की थूर में भरे गए थे 17 पर्चे 6 पंचायत समितियों में सबसे ज्यादा घमासान आदिवासी बहुल कोटड़ा क्षेत्र में है, जहां 36 पंचायतों में सर्वाधिक 184 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां हर पंचायत में औसतन 5 से ज्यादा उम्मीदवार हैं। कोटड़ा की महाड़ी ग्राम पंचायत में पूरे जिले में सबसे ज्यादा 12 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद सुलाव की ददमिया में 9 तथा बड़गांव की धार, कदमाल व थूर और कोटड़ा की ढेड़मारिया, मांडवाल, नवावास व वागावत पंचायत में 8-8 प्रत्याशी मैदान में हैं। बड़गांव की थूर पंचायत में सबसे ज्यादा 17 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से 8 ने नाम वापस ले लिए। वहीं देवला में सबसे कम 93 प्रत्याशी हैं। ईवीएम से सरपंच और बैलेट से पंच का चुनाव ग्रामीण मतदाता कल सरपंच के लिए ईवीएम (EVM) और वार्ड पंच के लिए मतपत्र (बैलेट पेपर) के जरिए वोट डालेंगे। इससे पहले प्रथम चरण में 10 पंचायत समितियों की 283 पंचायतों में सरपंच व पंच के चुनाव में 83.13 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। वहीं, दूसरे चरण की इन 6 पंचायत समितियों में हाल ही में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में औसत 69.48 फीसदी मतदान हुआ है, जो पहले चरण के मुकाबले 2.60 फीसदी ज्यादा रहा। ऐसे में कल स्थानीय स्तर पर गांव की सरकार चुनने के लिए मतदान प्रतिशत 80 फीसदी से ऊपर जाने की उम्मीद है। पंचायत समिति वार सरपंच प्रत्याशियों का पूरा गणित दूसरे चरण में इन 6 क्षेत्रों की जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव हो चुके है। दूसरे राउंड में 69.48% वोटिंग हुई है। दूसरे चरण की वोटिंग ने पहले चरण को पीछे छोड़ दिया। दूसरे राउंड में सभी 6 पंचायतों में औसत 69.48 फीसदी वोटिंग हुई, जो पहले चरण की 10 पंचायत समितियों के मुकाबले 2.60 फीसदी ज्यादा है।