उदयपुर में अवैध रूप से संचालित और अनधिकृत रूप से मॉडिफाई स्लीपर/लक्जरी बसों के खिलाफ सोमवार को कार्रवाई की गई। इसमें 3 लग्जरी स्लीपर बसों को सीज कर दिया गया, वहीं 9 बसों पर 1 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर एवं परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई की गई। जिला एवं सेशन न्यायाधीश और उदयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देश पर सुरक्षित परिवहन के नागरिकों के अधिकार की रक्षा करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। 20 बसों की जांच की गई शहर के सुखेर थाना क्षेत्र में खेलगांव चौराहे पर संयुक्त निरीक्षण में कार्रवाई की गई। इसके तहत 20 बसों की जांच की गई। इनमें से 9 बसों के खिलाफ विभिन्न नियमों के उल्लंघन के तहत चालान बनाए गए और करीब एक लाख बीस हज़ार का जुर्माना ज़रिए चालान लगाया गया। 3 बसों को मौके पर ही सीज किया बसों में अनियमितताएं और अनधिकृत बदलाव पाए जाने पर 3 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। इस दौरान अपर जिला न्यायाधीश राहुल चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार जोशी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड और आरटीओ इंस्पेक्टर राजेंद्र दन्तसुलिया, तेजपाल, घनश्याम मीणा मौजूद रहे। बसों में बदलाव सड़क सुरक्षा को खतरा सेशन न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने बताया कि लक्जरी और स्लीपर बसों में अनाधिकृत रूप से किए जाने वाले बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हैं, जिससे कई बार भीषण हादसे होते हैं और कीमती मानव जीवन की हानि होती है। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा ताकि आम जनता का सफर सुरक्षित बनाया जा सके। आमजन से अपील उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि स्लीपर एवं लक्ज़री बसों की जांच सवारियों की सुरक्षा एवं जान माल की हानि को रोकने के लिए है, इसमें सहयोग करना चाहिए।