उदयपुर शहर में अब होटलों और गेस्ट हाउस में ठहरने वाले मेहमानों की निगरानी और भी सख्त होने जा रही है। शहर की सुरक्षा और पर्यटकों की हिफाजत को ध्यान में रखते हुए उदयपुर एसपी ने नए निर्देश जारी किए हैं। अब जिले के सभी होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस और होम स्टे संचालकों के लिए ई-विजिटर पोर्टल पर मेहमानों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। उदयपुर एसपी डॉ अमृता दुहन ने इस संबंध में जिले के सभी थानाधिकारियों को आदेश दे दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस नियम का सख्ती से पालन करवाएं। उदयपुर में 1500 से ज्यादा होमस्टे, होटल, विला और धर्मशालाएं है। होटल में रूकने वालों का होगा डिजिटल रिकॉर्ड राज्य सरकार के निर्देशों के बाद अब ई-विजिटर पोर्टल को पूरी तरह प्रभावी बना दिया गया है। इसका मतलब है कि अब होटल संचालकों को अपने यहां रुकने वाले हर व्यक्ति का डिजिटल रिकॉर्ड रखना होगा। इस पोर्टल के माध्यम से जरूरत पड़ने पर किसी भी संदिग्ध की जानकारी तुरंत हासिल की जा सकेगी, जिससे शहर की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। उदयपुर एसपी दुहन ने सभी थानाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने इलाके के लॉज, सराय और होम स्टे का डेटा इकट्ठा करें और उसे पोर्टल पर दर्ज करवाएं। परिजनों की अनुमति के बाद मिलेगा नाबालिग को कमरा होटल में रुकने वाले हर मेहमान को अब अपनी पूरी जानकारी विस्तार से देनी होगी। इसमें व्यक्ति का नाम, स्थायी पता, आने की तारीख और ठहरने का असली कारण शामिल होगा। रिकॉर्ड के तौर पर आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैध पहचान पत्र का वेरिफिकेशन करना जरूरी होगा और उसकी एक कॉपी रिकॉर्ड में सुरक्षित रखनी होगी। कई बार लोग पहचान-पत्र तो दिखाते हैं लेकिन उनका सही रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेट नहीं किया जाता, जिससे सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है। उदयपुर एसपी दुहन ने बताया कि नाबालिगों के ठहरने को लेकर इस बार बेहद खास और कड़े प्रावधान किए गए हैं। अगर कोई नाबालिग होटल में रुकने आता है, तो संचालक को सबसे पहले उसके माता-पिता या अभिभावकों से संपर्क करना होगा। बिना परिजनों की अनुमति के किसी भी नाबालिग को होटल में कमरा नहीं दिया जा सकेगा। किसी भी कंडीशन में अगर परिजन अनुमति नहीं देते हैं, तो होटल संचालक को इसकी जानकारी तुरंत बाल कल्याण समिति को देनी होगी। इस कदम का मकसद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकना है। होटलों रिकॉर्ड की जांच करेगी पुलिस पुलिस ने साफ आदेश दिया है कि अगर होटल या धर्मशाला में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दी जाए। पुलिस प्रशासन किसी भी समय होटलों में जाकर रिकॉर्ड का निरीक्षण कर सकता है। यह होटल संचालकों की जिम्मेदारी होगी कि वे हर गेस्ट का सही सत्यापन करें और उनकी आईडी पोर्टल पर अपलोड करें। नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों को कानूनी कार्रवाई के बारे में चेतावनी दी गई है।