ट्राइबल क्षेत्र के पीएचडी शोधार्थियों को हर महीने 37 हजार फैलोशिप से लेकर अन्य लाभ दिए जाते हैं। इसके लिए आवेदन करने की लास्ट डेट 30 जून है। माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर ने टीएसपी क्षेत्र और बारां जिले की शाहबाद और किशनगंज तहसील के जनजाति वर्ग के पीएचडी शोधार्थियों से शोध फैलोशिप छात्रवृत्ति(स्कॉलरशिप) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन 30 जून की शाम 5 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। संस्थान के निदेशक ओपी जैन ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य जनजाति वर्ग के शोधार्थियों को आर्थिक सहयोग देकर उच्च शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना है। योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। ये पात्रता जरूरी हैं यह लाभ सरकार देगी जैन ने बताया कि चयनित शोधार्थियों को हर महीने 37 हजार रुपए की फैलोशिप, 3,330 रुपए प्रतिमाह मकान किराया भत्ता और शोध अवधि के दौरान 40 हजार रुपए आकस्मिक निधि के रूप में दिए जाएंगे। गलत जानकारी देने पर फैलोशिप राशि लौटानी होगी जैन ने बताया कि यदि कोई अभ्यर्थी गलत जानकारी देकर फैलोशिप प्राप्त करता है या निर्धारित समय में शोध पूरा नहीं करता और शोध अवधि समाप्त होने के एक साल के भीतर शोध प्रबंध जमा नहीं करता है, तो उसे दी गई पूरी फैलोशिप राशि वापस वसूल की जाएगी। विभाग का उद्देश्य गंभीर और समयबद्ध शोध कार्य को प्रोत्साहित करना है।