प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में एक बार फिर करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया कि यूपी और बिहार के फर्जी किसानों के नाम पर करीब 9 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने की तैयारी थी। उन्होंने इसे किसानों के हक पर डाका बताते हुए कहा कि इस तरह की लूट बेहद शर्मनाक है। दरअसल, हनुमानगढ़ के पल्लू की एसबीआई ब्रांच में 162 फर्जी किसानों के खातों में 9 करोड़ का फसल बीमा क्लेम पास हो गया और यह पैसा उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होने वाला था। जिन लोगों के नाम क्लेम पास हुआ, उनकी कहीं कोई जमीन ही नहीं है। किरोड़ी ने फर्जीवाड़े पर जिम्मेदारों से किए सवाल जवाब कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा गुरुवार दोपहर को हनुमानगढ़ के पल्लू में एसबीआई ब्रांच पहुंचे, जहां उन्होंने फसल बीमा योजना में हुए फर्जीवाड़े पर जिम्मेदारों से सवाल-जवाब किए। इस दौरान कृषि मंत्री मीणा ने बैंक मैनेजर से क्लेम वाले किसानों की जमाबंदी मांगी, लेकिन उनके पास उसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं था और मैनेजर डॉक्यूमेंट्स ही नहीं दे पाए। बता दें, फसल बीमा योजना में बीमा तभी होता है, जब खेत की जमाबंदी हो। फर्जी किसानों के खातों में 6 करोड़ ट्रांसफर करने की थी तैयारी फसल बीमा योजना में पल्लू जैसा ही घोटाला बीकानेर के गजनेर में भी सामने आया है। गजनेर क्षेत्र में भी 6 करोड़ का क्लेम फर्जी किसानों के नाम से पास कर उसे बैंक खातों में ट्रांसफर करने की तैयारी थी। मंत्री किरोड़ी बोले- ऐसी लूट कभी नहीं देखी, यह लूट शर्मनाक कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आज हनुमानगढ़ के पल्लू में एसबीआई ब्रांच पर पहुंचकर जो सच्चाई सामने आई, उसने मन को गहराई तक आहत कर दिया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में इस प्रकार का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आना न केवल चिंताजनक है, बल्कि अन्नदाता के विश्वास के साथ सीधा विश्वासघात भी है। जांच में सामने आया कि 66 फर्जी किसानों के नाम पर खाते खोलकर उन्हें ऋणी दिखाया गया और करीब 9 करोड़ रुपए का फर्जी बीमा क्लेम तैयार किया गया। यह राशि इसी सप्ताह निकाली जाने वाली थी, लेकिन समय रहते इस घोटाले का खुलासा हो गया। यह अपने आप में एक बड़ा सच उजागर होने जैसा है। फर्जीवाड़े की हाई लेवल जांच के आदेश कृषि मंत्री किरोड़ी ने कहा कि जिस किसान की मेहनत और पसीने से यह देश चलता है, उसी के नाम पर इस तरह की लूट अत्यंत शर्मनाक और असहनीय है। यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि अन्नदाता के सम्मान और हक पर सीधा प्रहार है। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इसमें शामिल हर एक दोषी को सख्त से सख्त सजा मिले। अन्नदाता के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने बैंक की मिलीभगत से जताई नाराजगी किरोड़ी मीणा ने कहा- जुलाई 2025 में प्रीमियम कटा था, इस मामले में बैंक को अब तक होश नहीं था। पटवार रिपोर्ट में जब साफ है कि इन किसानों के नाम कोई जमीन ही नहीं है तो फिर बिना जमाबंदी फसल बीमा कैसे हो गया? किसानों को फसल बीमा योजना का पैसा मिलता है, उसमें लूट रहे और खा रहे हैं। ऐसी खुली लूट कभी नहीं देखी कि घोटाले में बैंक मिल जाए। इस मामले में बैंक मिला हुआ है, जैसे सालासर में किया वैसा का वैसा ही यहां किया है। --------------- ये खबर भी पढ़िए… किरोड़ी के छापों के बाद कृषि-विभाग के 11 अफसर सस्पेंड:बीज कंपनियों से ऑफिसर्स की मिलीभगत सामने आने के बाद एक्शन, अब जांच होगी कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा के नकली खाद बीज वाली फैक्ट्रियों पर छापों के बाद अफसरों पर एक्शन हुआ है। कृषि विभाग के 11 अफसरों को सस्पेंड करके उनके खिलाफ जांच शुरू की गई है। (पूरी खबर पढ़ें…)