शिक्षा विभाग ने सार्थक नाम अभियान पर यूटर्न ले लिया है। सरकारी स्कूलों में अटपटे नाम बदलने का अभियान फिलहाल नहीं चलेगा और अभिभावक अपने स्तर पर ही नाम बदलने का निर्णय लेंगे। इस संबंध में एसीएस राजेश यादव ने इस अभियान को स्थगित करने का आदेश जारी किया है। दरअसल, स्कूलों में स्टूडेंट्स के अटपटे और बिना अर्थ के नामों को बदलने के लिए सरकार ने 2950 नामों की एक लिस्ट जारी करते हुए अभिभावकों से अपील की थी कि वो अपने बच्चों के नाम बदल लें। इसके लिए कोई दबाव नहीं था लेकिन प्रिंसिपल व हेडमास्टर को निर्देश थे कि ऐसे बच्चों के नाम बदलने के लिए अभिभावकों से अपील करें। पहली क्लास से पहले नए एडमिशन पर जहां स्टूडेंट्स को इस सूची में से नाम चयन की छूट दी गई थी। सार्थक नाम अभियान के संबंध में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कार्यालय से आदेश जारी हुआ था। जिसके बाद एसीएस यादव ने आदेश जारी किए। हालांकि शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश नहीं दिए थे। ऐसे में अब इसे एसीएस स्तर पर ही वापस लिया गया है। इस संबंध शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के ऑफिस का कहना है कि निदेशालय स्तर पर कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। शासन ने ही आदेश दिया था, वहीं से आदेश वापस लिया गया है। नामों की सूची पर ही विवाद शिक्षा विभाग ने नामों की जो लिस्ट जारी की थी, उसमें भी कई नामों में गलतियां थी। न सिर्फ वर्तनी की त्रुटि थी बल्कि इन नामों को भी अर्थहीन बताया गया। हर कहीं से इसका विरोध होने के बाद शिक्षा विभाग ने इस आदेश को वापस ले लिया हे।