उत्तराखंड स्थित चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट ने जरूरी हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। इसमें पैदल या ऑटोमोबाइल से चढ़ाई पर जाने वाले यात्रियों को हर 1 से 2 घंटे में कम से कम 5 से 10 मिनट का ब्रेक लेकर शरीर आराम देने की सलाह दी है। इसके अलावा यात्रा के दौरान आवश्यक तैयारी, जरूरी वस्तुएं साथ में रखने और स्वास्थ्य संबंधी बिन्दुओं को शामिल किया गया है। निदेशक जन-स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया- ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में यात्री का स्वास्थ्य अत्यधिक सर्दी, कम ह्यूमिडिटी, अत्यधिक अल्ट्रा वॉइलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए अपनी यात्रा का प्लान कम से कम 7 दिनों के लिए बनाएं, वातावरण के अनुरूप ढलने के लिए समय दें। ट्रेक के हर एक घंटे बाद या ऑटोमोबाइल चढ़ाई के हर 2 घंटे बाद, 5-10 मिनट का ब्रेक लें। रोजाना 5-10 मिनट के लिए श्वास व्यायाम का अभ्यास और रोजाना 20-30 मिनट टहलना चाहिए। ये यात्री करवाएं जरूरी जांचे डॉ. शर्मा ने बताया कि बुजुर्ग यात्री, हृदय, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह (कोमॉर्बिडिटीज) से पीड़ित यात्री जाने से पहले अपनी जरूरी जांचे करवा ले, ताकि फिटनेस सुनिश्चित की जा सके। ऐसे यात्री इन जांचों के बाद डॉक्टर से परामर्श लेकर फिटनेस मिलने के बाद ही यात्रा के लिए रवाना हो। ये यात्री अपने साथ ही गर्म कपड़े और बारिश से बचाव के लिए रेनकोट, छाता आदि साथ में लें। इनके अलावा स्वास्थ्य जांच उपकरण पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर भी साथ रखें। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह रोग वाले यात्री सभी जरूरी दवा, परीक्षण उपकरण और अपने चिकित्सक का संपर्क नंबर साथ रखें। स्थानीय टोल फ्री नंबर जारी उत्तराखंड में चिकित्सा विभाग के सहायक निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने बताया- उत्तराखंड सरकार की ओर से संचालित टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल कर तत्काल मदद प्राप्त की जा सकती है। यदि किसी भी यात्री को सांस की तकलीफ (बात करने में कठिनाई), लगातार खांसी, चक्कर आना, भटकाव (चलने में कठिनाई), उल्टी, शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नता जैसे लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र या टोल फ्री नंबर की मदद अवश्य लें।