झालावाड़ में वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों के अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। मानपुरा गुजरान स्थित वन भूमि पर कब्जा कर बनाए गए इन मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई में एक तस्कर गिरिराज का लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा मकान भी शामिल था। एसपी अमित कुमार ने बताया कि कालूलाल पुत्र चंदालाल तंवर (निवासी महुआखोह) और गिरिराज पुत्र रामचंद्र तंवर (निवासी महुआखोह) ने मानपुरा गुजरान में वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर मकानों का निर्माण कराया था। ये दोनों आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त थे। नोटिसों का पालन नहीं होने के बाद की कार्रवाई उप वन संरक्षक सागर पंवार के निर्देश पर वन विभाग ने इन अवैध मकानों को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान एसीएफ मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में राजेंद्र मीणा (क्षेत्रीय वन अधिकारी, अकलेरा) सहित अकलेरा, असनावर और गश्ती दल का स्टाफ मौजूद रहा। पुलिस की ओर से अकलेरा डीवाईएसपी मनोज सोनी और सीआई धर्माराम भी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई पूर्व में दिए गए नोटिसों का पालन नहीं होने के बाद की। अवैध निर्माण नहीं हटाने पर विभाग ने यह कदम उठाया। कार्रवाई के दौरान सुबह से ही वन विभाग का दस्ता और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। 2 तस्करों के खिलाफ 2-2 मामलें दर्ज तस्कर कालूलाल के खिलाफ दोनों ही मामले मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए है। कालूलाल लम्बे समय से नशा तस्करी का काम कर रहा है। उसके के खिलाफ वर्ष 2019 में एनडीपीएस एक्ट का पहला मामला दर्ज किया था। कालूलाल के खिलाफ वर्ष 2025 में मादक पदार्थ तस्करी का दूसरा मामला दर्ज किया था, मामले में 1 करोड़ 20 लाख बाजार मूल्य की नशा सामग्री बरामद हुई थी। वही तस्कर गिरिराज तंवर निवासी महुआखोह के खिलाफ दर्ज 2 मामले मादक पदार्थों की तस्करी से जुडे हुए है। गिरिराज के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2017 में मादक पदार्थ तस्करी का दर्ज किया था, इसमें 5 लाख बाजार मूल्य के अवैध नशा सामग्री बरामद की थी। वर्ष 2019 में गिरिराज के खिलाफ दर्ज मामले में गिरिराज से 4 लाख बाजार मूल्य की नशा सामग्री जप्त की थी।