वनस्थली| वनस्थली विद्यापीठ में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 100 दिन के काउंटडाउन के तहत शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा संकाय सदस्यों एवं प्रशासनिक कार्यकर्ताओं के लिए पांच दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर 5 मई तक आयोजित होगा, जिसमें प्रज्ञा योग और हृदय की संतुष्टि के माध्यम से शिक्षक सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शिविर में मुख्य अतिथि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पुनीत चतुर्वेदी की टीम ने योगाभ्यास कराया। इसमें वृक्षासन, पवनमुक्तासन, वज्रासन, मकरासन के साथ भ्रामरी, कपालभाति, शीतली व शीतकारी जैसे प्राणायाम करवाए गए और उनके लाभों की जानकारी दी। ध्यान प्रशिक्षक प्रो. श्रुति शास्त्री ने ध्यान की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि ध्यान में व्यक्ति पूर्ण जागरूकता के साथ वर्तमान में रहता है और बिना किसी निर्णय के अपने विचारों, भावनाओं व संवेदनाओं को देखता है। उन्होंने बताया कि ध्यान एक गहन अध्ययन है, जिसमें व्यक्ति दिव्यता पर केंद्रित होता है।