मानसून की पहली बरसात शनिवार की सुबह हुई। करीब एक घंटे में 27 एमएम बरसात हुई, जिसमें संभागीय आयुक्त कार्यालय सहित कई कॉलोनियों और विकास के गड्ढों में पानी भर गया। इससे आवागमन प्रभावित हुआ। यह स्थितियां और बिगड़ सकती हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक मध्यम बरसात का अलर्ट जारी कर रखा है। यह भारी बरसात में भी बदल सकता है, क्योंकि मानसून को समुद्री नमी मिलने लगी है। मानसून की पहली बारिश ने ही नगर निगम के जल निकासी के दावों की हवा निकाल दी है। शहर में कई स्थानों पर पानी भर गया। शहर में चारों तरफ चल रहे अव्यवस्थित निर्माण कार्यों के कारण पहले से ही रास्ते बंद थे, और जो खुले थे, उनके गड्ढों में पानी और फिसलन हो गई। सड़कों के किनारे पड़ी मिट्टी बहकर रास्ते पर आ गई, जिससे चारों तरफ कीचड़ हो गया है। इससे राहगीर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। आगे क्या.... 6 तक बारिश अलर्ट शनिवार को मानसून ने लगभग पूरा जिला कवर कर लिया है। भरतपुर में 27 एमएम, बयाना 1, रूपवास 46, रुदावल 8 और उच्चैन में 3 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई है। बरसात के कारण मौसम में नमी बढ़ गई है। शनिवार को आर्द्रता 90 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक मध्यम स्तर की बारिश होने का अलर्ट जारी कर रखा है। शनिवार को अधिकतम 35 और न्यूनतम 23 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शीशम तिराहा की जर्जर रोड पर कीचड़ ने बढ़ाई आफत, वहीं राजेंद्र नगर में नालियां चोक, मोटर से निकाला पानी शीशम तिराहा रोड की स्थिति भी ज्यादा दयनीय बनी हुई है। पूरी तरह जर्जर हो चुकी इस सड़क पर बारिश के बाद केवल कीचड़ और गहरा पानी दिखाई दे रहा है। वाहन चालकों को यह अंदाजा ही नहीं लग पा रहा है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। इसके चलते शनिवार को दिनभर इस मार्ग पर वाहनों के फिसलने की स्थिति बनी रही। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि निर्माण कार्य के नाम पर सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया, जिसका खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है। वहीं राजेंद्र नगर भी इस जलभराव से अछूता नहीं रहा। कॉलोनी की सभी नालियां कचरे से चोक पड़ी हैं। पानी भरने के बाद प्रशासन को होश आया और आनन-फानन में पंपिंग मोटर लगाकर पानी को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।