भास्कर संवाददाता | चूरू जिले में एक व दो मई को (बुद्ध पूर्णिमा) वाटर होल पद्धति से वन्यजीवों की गिनती की जाएगी। गिनती एक मई को शाम 5 बजे से दो मई को शाम 5 बजे तक होगी। इसमें वन रक्षकों, गार्डों व स्थानीय ट्रैकरों को शामिल किया जाएगा। वन्यजीव गणना के लिए जिले में इस बार 48 वाटर पॉइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा तालछापर अभयारण्य इलाके में जीपीएस और कैमरा ट्रैप से भी गणना प्रस्तावित है। गणना के दौरान वाटर पॉइंट्स पर आने वाले वन्यजीवों की पहचान पगमार्क से भी की जाएगी। जानकारी के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा को चांद की रोशनी में जानवर अच्छे से दिखाई देते हैं। इसलिए इसी दिन गिनती की जाती है। इससे जीवों की प्रजाति, लिंग, उम्र आदि की जानकारी आसानी से मिल पाती है। वहीं इस दौरान गर्मी के चलते पानी की भी कमी रहती है। इसके चलते जानवर वाटर पॉइंट पर आते हैं। पिछले दो-तीन साल में जिले में डेजर्ट फॉक्स, इंडियन वुल्फ, सियार, गीदड़, जंगली बिल्ली आदि मांसाहारी जानवरों का मूवमेंट देखने को मिला है। गणना के दौरान इन जानवरों के पगमार्क से इनकी जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं शाकाहारी जानवरों की बात करें तो जिले में मुख्यत: काले हिरण, नीलगाय, चिंकारा, जंगली सुअर, सेई (र्पोक्यूपाइन) आदि जानवर पाए जाते हैं। इनमें इस साल चिंकारा व नीलगाय की संख्या बढ़ सकती है। वन विभाग ने गणना के लिए जिले में 48 वाटर पॉइंट बनाए हैं। इनमें चूरू में सबसे ज्यादा 11 वाटर पॉइंट बनाए गए हैं। इसी तरह तालछापर और राजगढ़ में 9-9, सरदारशहर में 6, रतनगढ़ में 5 तथा सुजानगढ़ व तारानगर में 4-4 वाटर पॉइंट बनाए गए हैं। ^ जिले में एक व दो मई को बुद्ध पूर्णिमा पर वन्यजीवों की गिनती की जाएगी। वाटर होल पद्धति से गणना होगी। गणना को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। -मनीष पूनिया, एसीएफ चूरू