भास्कर न्यूज | टोंक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, (डीएलएसए) टोंक की ओर से जिला प्रशासन के सहयोग से चलाए जा रहे बाल-विवाह प्रतिषेध सप्ताह के तहत शनिवार को को समाज के विभिन्न वर्गों के लिए विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 15 से शुरु और 21 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को हेल्पलाइन नंबर 15100, 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 और 100 की जानकारी देकर यह अपील की जा रही है कि किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित प्राधिकरण को देकर इसे रोकने में सक्रिय सहयोग करें। प्राधिकरण सचिव (एडीजे) दिनेश कुमार जलुथरिया ने बताया कि उक्त जागरुकता कार्यक्रमों का उद्देश्य विशेष रूप से वंचित वर्गों तक विधिक जानकारी पहुंचाते हुए बाल विवाह जैसी कुप्रथा का उन्मूलन करना है। प्राधिकरण से जुड़े पैरालीगल वॉलंटियर्स ने आंगनबाड़ी केंद्रों, श्रमिक बस्तियों, महिला समूहों, वरिष्ठ नागरिक समूहों और शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करते हुए प्रतिभागियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही यह समझाया गया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जो बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। कम उम्र में विवाह से मातृ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम, कुपोषण, मानसिक तनाव, अवसाद और शिक्षा से वंचित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जिला प्रशासन के समन्वय से 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।