शहर की सड़कों और बाजारों में वर्षों से दिखाई देने वाले बिजली के खंभों और झूलते तारों के जाल से अब लोगों को राहत मिलने वाली है। भरतपुर विकास प्राधिकरण शहर के करीब 25 प्रमुख मार्गों और चौराहों पर ओवरहेड बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करने और पोल शिफ्टिंग का बड़ा अभियान चला रहा है। 160.93 करोड़ की परियोजना में 151.23 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 9.69 करोड़ के काम पूरे हो चुके हैं। असल में शहर में सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन और सौंदर्यीकरण के बीच सबसे बड़ी बाधा सड़क किनारे और बीचों-बीच खड़े बिजली पोल व उलझे तार थे। कई जगह भारी वाहनों और बारिश-आंधी के दौरान हादसों का खतरा बना रहता था। अब इन लाइनों को भूमिगत किया जा रहा है, जिससे न केवल रास्ते चौड़े और सुरक्षित होंगे, बल्कि शहर का सौंदर्य भी बदलेगा। इन 5 मार्गों पर 9 करोड़ 69 लाख 81 हजार रुपए का पूरा हो चुका काम... रेडक्रॉस सर्किल से लोहागढ़ किला गेट तक लाइन अंडर ग्राउंड करने पर 155.18 लाख, सारस चौराहा से प्राधिकरण चौराहा तक 109.17 लाख रुपए की लागत से कार्य पूरा हुआ। एमएसजे कॉलेज से घासीराम तिराहा तक एचटी-एलटी लाइन शिफ्टिंग पर 289.08 लाख रुपए खर्च हुए। सूरजपोल चौराहा से पुलिस महानिरीक्षक आवास तिराहा तक 218.38 लाख रुपए और जसवंत प्रदर्शनी-घना गेट क्षेत्र में डेकोरेटिव पोल व लाइट लगाने पर 198 लाख रुपए खर्च किए गए। इस प्रकार कुल 9 करोड़ 69 लाख 81 हजार रुपए की वित्तीय स्वीकृति के कार्य पूरे हो चुके हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर चरणबद्ध तरीके से ओवरहेड बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड किया जा रहा है। 20 परियोजनाओं पर पोल शिफ्टिंग और अंडरग्राउंड लाइन का काम प्रगति पर है, जबकि 5 कार्य पूरे हो चुके हैं। परियोजना पूरी होने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी। दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा और शहर का सौंदर्य भी बढ़ेगा। - जितेंद्र नील, एक्सईएन (विद्युत), भरतपुर विकास प्राधिकरण