भास्कर संवाददाता | चूरू डाइट के आईएफआईसी प्रभाग की ओर से डर्फ के तहत आयोजित चार दिवसीय आकल्प व उपकरण निर्माण कार्यशाला का समापन सोमवार को हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता डाइट प्राचार्य देवकरण सिंह ने की। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त उपनिदेशक डॉ. गोविंदसिंह राठौड़ थे। कार्यशाला संयोजक व आईएफआईसी प्रभागाध्यक्ष डॉ. विजयलक्ष्मी शेखावत ने बताया कि कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को शोध की वैज्ञानिक प्रक्रिया के अनुरूप आकल्प निर्माण, शोध उपकरणों के विकास व उनके प्रभावी उपयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। डॉ. श्यामसुंदर कौशिक व जगवीर पूनिया ने संदर्भ व्यक्तियों के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए शोध आकल्प, प्रश्नावली, अनुसूची, साक्षात्कार, अवलोकन सहित विभिन्न शोध उपकरणों के निर्माण व परिष्करण की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने अपने शोध विषयों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शोध उपकरण तैयार किए। प्राचार्य देवकरण ने कहा कि शोध आधारित कार्य संस्कृति शिक्षा की गुणवत्ता में सतत सुधार का आधार है। मुख्य अतिथि राठौड़ ने कहा कि क्रियात्मक अनुसंधान व नवाचार शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी व परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तकनीकी व्यवस्थाओं का संचालन सुरेश डूडी ने किया। तारालक्ष्मी, बनवारीलाल व रंजू कंवर का विशेष सहयोग रहा। संचालन सचिन चौधरी ने किया।