समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती जिलाध्यक्ष रघुनाथ सैनी के मुख्य आतिथ्य में एवं महात्मा ज्योतिबा फुले संस्थान अध्यक्ष बंटी सैनी की अध्यक्षता में अभूतपूर्व उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। ओंकारेश्वर महादेव मंदिर खादी भंडार रोड से 551 कलशों के साथ गाजे-बाजे और धार्मिक ध्वजों के बीच विशाल कलश यात्रा रवाना हुई, जो सैनी छात्रावास पहुंचकर समारोह के रूप में संपन्न हुई। कलश यात्रा में हजारों महिलाओं और समाजबंधुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। जिलाध्यक्ष रघुनाथ सैनी ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने जातिवाद, बाल विवाह, विधवा विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष कर समाज सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए। मीडिया प्रभारी कवि कृष्ण कुमार सैनी ने बताया कि यात्रा मार्ग में समाज के लोगों ने जगह-जगह तोरण द्वार सजाकर स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य अभिनंदन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। आयोजित रक्तदान शिविर में करीब 30 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। वहीं कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा ज्योतिबा फुले एवं माता सावित्रीबाई फुले के योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान कक्षा 10वीं व 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं, सरकारी सेवाओं में चयनित युवाओं तथा राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित प्रतिभाओं को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में कालूराम पटेल, लल्लू गुरुजी, सैनी समाज छात्रावास अध्यक्ष ईश्वर लाल सैनी, सचिव जगदीश सैनी महल, सैनी अधिकारी-कर्मचारी अध्यक्ष राजेंद्र सैनी, तहसील अध्यक्ष गोविंद नारायण सैनी, कन्हैया लाल सैनी, पूर्व नगर अध्यक्ष शंकर लाल सैनी, रामबाबू ज्योति, बनवारी लाल सैनी, नगर अध्यक्ष बुद्धालाल सैनी, गिर्राज प्रसाद सैनी, रंगलाल सैनी, संस्था सचिव राजेंद्र सैनी, कोषाध्यक्ष गोविंद सैनी, मूलचंद सैनी, जगदीश आडतियां, प्रेम जयपुरी, संजय करेड़ीवाल, लक्ष्मण सैनी, चौथमल गुरुजी, रामजीलाल सरपंच, कानाराम सैनी, छोटी देवी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र सैनी (शारीरिक शिक्षक) ने किया।