पश्चिमी राजस्थान की हवाओं से शुक्रवार को भरतपुर का मौसम बदला। गंगानगर के साथ प्रदेश का सबसे ज्यादा 44.5 डिग्री तापमान वाला शहर भरतपुर हो गया। दोनों जिलों में 44.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र के अनुसार इस दिन न्यूनतम तापमान 27.3 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि हवा की औसत गति 4.6 किमी प्रतिघंटा रही और आर्द्रता 65.4 प्रतिशत दर्ज की गई। मौैसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 25 व 26 अप्रैल को हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं हीटवेव को लेकर 8वीं तक के स्कूलों का समय बदला गया है और आरबीएम व जनाना अस्पताल अलर्ट मोड पर है, जहां हीट स्टॉर्क के मरीजों के लिए 20 बैड रिजर्व किए गए हैं। यहां मेल व फीमेल मेडिकल वार्ड में 6-6, शिशु वार्ड में 6 और आईसीयू वार्ड में 2 बैड लू-तापघात के रोगियों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नगेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि निदेशालय के निर्देश पर आगामी माह मई, जून व जुलाई में तापमान बढ़ने से लू-तापघात के रोगियों के बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए प्रभावी नियंत्रण एवं प्रबंधन के लिए आरबीएम व जनाना अस्पताल में वार्डों में बैडों के रिजर्व किया है। इमरजेंसी उपचार के लिए दो बॉक्स में करीब 100-150 आईस पैक व पर्याप्त फ्लूड आदि मेडिसिन की व्यवस्थाएं की हैं। अगले दो दिन हीटवेव का अलर्ट जारी, दोपहर में अनावश्यक नहीं निकलें, तरल और सुपाच्य पदार्थ का ही सेवन करें भास्कर एक्सपर्ट - डॉ शेखर शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ जनाना अस्पताल सवाल: गर्मी बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक क्यों? जवाब: बच्चों का शरीर तापमान नियंत्रित करने में कमजोर होता है, इसलिए वे हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। सवाल: तेज गर्मी में क्या खतरे हैं? जवाब: डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर, बेहोशी और गंभीर स्थिति तक हो सकती है। सवाल: बचाव कैसे करें? जवाब: बच्चों को बार-बार पानी पिलाएं, हल्के सूती कपड़े पहनाएं, 11 से 4 बजे तक धूप में न निकलने दें, बाहर जाते समय टोपी, छाता, सनस्क्रीन का उपयोग करें, तरबूज, खीरा, दही, नींबू पानी जैसे ठंडे आहार दें। सवाल: लू लगने के लक्षण क्या हैं? जवाब: तेज बुखार, शरीर गरम होना, उल्टी, सिरदर्द होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं।