धौलपुर| राजाखेड़ा क्षेत्र के गांव सामोर में आचार्य पं लघु कृष्ण महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा में सूर्यवंश की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। जिसमें भगवान श्रीराम के जन्म और उनकी लीलाओं का वर्णन किया। महाराज ने कहा अपने पुत्र को इशू नहीं राम बनाए। जिससे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की तरह सभी मर्यादाओं का पालन कर सकें। अपनी संतान को संपति नहीं संस्कार देने चाहिए। आचार्य ने चंद्रवंश का विस्तार से वर्णन कर कहा कि वसुदेव और देवकी के विवाह में आकाशवाणी हुई है कंस देवकी का आठवां गर्भ तेरा काल होगा। मैया देवकी ने जेल में ही आठवें गर्भ के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। छूकर चरण उतर गई जमुना। भगवान को गोकुल में पहुंचाया गया। नन्द घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल की। कथा में आचार्य के द्वारा भजन कीर्तन के साथ नंदोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कथा में भगवान को मारने पूतना, संकटासुर अनेक राक्षस आए जिनका उन्होंने उद्धार किया। यज्ञ में यज्ञाचार्य पंडित वेदप्रकाश वशिष्ठ और आचार्य यशपाल द्वारा नित्यप्रति पूजन हवन कराया जाता है।