दुनिया के सबसे अमीर टेक-अरबपतियों और एआई से नए-नए बने करोड़पतियों का ‘शौक’ और ‘फितूर’ आम रईसों से बिल्कुल अलग है। पुराने अमीर लोग जहां सोना, हीरे-जवाहरात या महंगी पेंटिंग्स खरीदते थे, वहीं आज के टेक दिग्गज कुछ बेहद अजीब और अप्रत्याशित चीजों पर पैसा पानी की तरह बहा रहे हैं। मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग अपनी गायों को मैकडामिया नट्स खिलाते हैं, ये दुनिया का सबसे महंगा मेवा है। ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन भविष्य में आने वाले प्रलय से बचने की तैयारी कर चुके हैं। उन्होंने करोड़ों रु. खर्च कर बंदूकें, एंटीबायोटिक दवाएं, पानी और इजराइली डिफेंस फोर्स वाले ‘मिलिट्री-ग्रेड गैस मास्क’ रखे हैं। ऑल्टमैन ने न्यूक्लियर रेडिएशन से बचाने वाले पोटैशियम आयोडाइड का स्टॉक कर रखा है। उन्होंने कैलिफोर्निया में घने जंगलों के बीच जमीन ले रखी है, जहां वे संकट के समय प्राइवेट प्लेन से उड़कर जा सकते हैं। विज्ञान की चमत्कारिक कहानियों के क्रेजी इलॉन मस्क ने जेम्स बॉन्ड की फिल्म में इस्तेमाल हुई असली सबमरीन कार को करीब 9.2 करोड़ रु. में खरीदा। वे अपने घर में सजावट के लिए स्पेस रॉकेट्स का मलबा व कल-पुर्जे रखते हैं। वहीं, मस्क की ‘स्पेसएक्स’ के शेयरों से रातों-रात करीब 34 करोड़ रु. की मालकिन बनीं वियतनाम की 50 वर्षीय डेटा साइंटिस्ट ह्यूयेन चिप के गैरेज में कोई रोल्स रॉयल नहीं, बल्कि 4.2 लाख रु. का एक पुराना फायर ब्रिगेड ट्रक है। उनके घर की मेज पर 9 लाख रु. का उल्कापिंड (स्पेस रॉक्स) रखा है। चिप कहती हैं, ‘मुझे नहीं पता मैं इस फायर ट्रक का क्या करूंगी, शायद अपने 3 साल के बच्चे के जन्मदिन पर बच्चों को घुमाऊं। लेकिन इस नई दौलत ने मुझे अपने सपने पूरे करने की आजादी दी है।’ अनुभवों, व्यक्तिगत फितूरों पर निवेश का रुझान यूबीएस की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, केवल अमेरिका में पिछले साल 4.4 लाख लोग नए करोड़पति बने हैं। लेकिन पारंपरिक लग्जरी ब्रांडों (जैसे गुच्ची, अरमानी) के लिए ये नए रईस एक अनसुलझी पहेली बन गए हैं। कंसल्टेंसी फर्म ‘बैन एंड कंपनी’ की पार्टनर फेडेरिका लेवातो के अनुसार, आज का टेक-करोड़पति गुच्ची के लेदर बैग या अरमानी के सूट पर पैसे खर्च करने के बजाय ‘अनुभवों’ और ‘व्यक्तिगत फितूरों’ पर निवेश कर रहा है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप का डेटा बताता है कि पुराने अमीर लोगों की तुलना में नए टेक रईस कपड़ों और लेदर आइटम पर 33% कम खर्च करते हैं।