प्रदेश में एक समान कानून लागू करने वाला यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल विधानसभा में पेश हो चुका है। कानून बनने के बाद बिल के प्रावधान राजस्थान में जन्मे हर व्यक्ति पर लागू होंगे, भले ही कोई विदेश में ही क्यों न रह रहा हो। बिल के अनुसार लिव-इन में रहने के एक माह में रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। दोनों की उम्र 21 साल से अधिक होनी चाहिए। लिव-इन के लिए रजिस्ट्रार जनरल, इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर और ऑनलाइन पोर्टल रजिस्ट्रेशन होगा। लिव-इन पार्टनर रजिस्ट्रेशन कैंसिल से असंतुष्ट हैं, तो ऊपर महा रजिस्ट्रार का दरवाजा खटखटा सकेंगे। लिव-इन रिलेशनशिप छिपाने या धोखा देने पर 5 साल जेल हो सकती है। प्रॉपर्टी में वसीयत नहीं है तो बेटे-बेटियां बराबर के हकदार होंगे। पत्नी के जिंदा रहते बिना कानूनी तलाक दूसरी शादी नहीं हो सकेगी। हालांकि एससी/एसटी और कुछ अन्य समूह को दायरे से बाहर रखा गया है। संबंध खत्म पर सर्टिफिकेट लेना जरूरी