नागौर | नगर निकाय चुनाव से पहले नेताओं ने निर्वाचन अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला शनिवार को मतदाता सूची जारी होने के बाद गरमा गया, जो राज्य निर्वाचन आयोग तक पहुंच चुका है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने नगर परिषद क्षेत्र की मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान के आयुक्त व मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव को पत्र लिखकर तथा मोबाइल पर बात करके निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है। बेनीवाल ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि नागौर नगर परिषद के वार्ड संख्या 60, 26, 29, 30 एवं 37 सहित कई अन्य वार्डों में 21 अगस्त 2026 के बाद सैकड़ों नामों को नियम विरुद्ध तरीके से जोड़ा गया तथा कई पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए। उन्होंने कहा कि संबंधित आरओ, अधिकारियों एवं कार्मिकों पर धनबल तथा एक दल विशेष के प्रभाव में काम करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बेनीवाल ने कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। सांसद ने शिकायत में बताया कि कुछ मामलों में बिजली के फर्जी बिल एवं अन्य संदिग्ध दस्तावेज तैयार कर अथवा उनमें डिजिटल/एआई माध्यम से हेरफेर करके उन्हें मतदाता सूची में नाम जोड़ने के आधार के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने इन दस्तावेजों की मूल स्रोत से सत्यता की जांच तथा आवश्यक होने पर तकनीकी जांच करवाने की मांग की है। 21 अगस्त के बाद मतदाता सूची में किए गए सभी संशोधनों का वार्डवार एवं नामवार ऑडिट करवाई जाए। ^मतदाता सूचियों व नाम जोड़ने को लेकर सारा काम नियमानुसार हुआ है। बीएलओ, नायब तहसीलदार और तहसीलदार स्तर पर कमेटियां बनाकर तीन-तीन बार सत्यापन करने के बाद नाम अप्रूव्ड किए गए हैं। शिकायतों के आधार पर दुबारा जांच करवा रहे हैं। - गोविंद सिंह भींचर, एसडीएम