अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में पार्षद चुनाव की वोटिंग के बाद भाजपा-कांग्रेस ने बाडे़बंदी शुरू कर दी है। बीजेपी के सभी 65 वार्ड प्रत्याशियों को लग्जरी बसों से गुरुवार दोपहर को हरियाणा की तरफ रवाना किया गया। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा, चुनाव प्रभारी रामचरण बोहरा और जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने जयकारे लगाते हुए प्रत्याशियों को रवाना किया। प्रभारी बोहरा ने कहा- अब 21 सितंबर को मेयर बनाने की तैयारी है। हमारी पार्टी का बहुमत आएगा। वहीं बस में रवाना होने के बाद सभी भाजपा प्रत्याशियों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। वहीं कांग्रेस के ज्यादातर प्रत्याशी अलवर शहर के शांति कुंज होटल में एकत्र हुए। यहां राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली एक-एक कर सबसे मिले। जूली ने कहा- निगम में कांग्रेस के 33 से अधिक प्रत्याशी जीतकर आएंगे। अलवर के होटल से कांग्रेस प्रत्याशियों को भी दूसरी जगह भेजने की तैयारी है। प्रभारी ने कहा- सबको हंसी-खुशी, खेलने-कूदने भेजा प्रत्याशियों को बसों से रवाना करने के बाद प्रभारी रामचरण बोहरा ने कहा- सभी बनने वाले पार्षद हंसी-खुशी से गए हैं। सब प्रत्याशी एक साथ रहेंगे। पारिवारिक माहौल रहेगा। सर्वसम्मति से 21 सितंबर को जिसका भी नाम महापौर के लिए आगे आएगा, उसके साथ रहेंगे। बीजेपी का मेयर और डिप्टी मेयर बनेगा। अलवर नगर निगम ही नहीं, सब जगह बीजेपी का बोर्ड बनाने की तैयारी है। सभी प्रत्याशियों को एक जगह भेजा है। कोई बाड़ाबंदी नहीं है। सबको हंसी-खुशी, खेलने-कूदने के लिए भेजा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा- सब प्रत्याशियों के साथ मीटिंग कर रहे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- हम सब प्रत्याशियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। बोर्ड 100 प्रतिशत कांग्रेस का बनेगा। सबका रुझान सामने आया है। लग रहा है कि कांग्रेस बहुमत के साथ बोर्ड बनाएगा। हमें लग रहा है कि बीजेपी से अधिक निर्दलीय जीत सकते हैं। कांग्रेस के साथ निर्दलीय आते हैं तो अच्छा बोर्ड बनेगा। बीजेपी सरकार के साथ निर्दलीय नहीं जाएंगे। यहां सरकार से कुछ मिला नहीं है। जनता ही पसंद नहीं करेगी। बीजेपी ने तीन साल में विनाश किया है। अलवर निगम में 65 वार्ड दोनों पार्टियों के नेताओं की निर्दलीय प्रत्याशियों को अपने खेमे में ले जाने की तैयारी है, ताकि बोर्ड बनाने के नंबर पूरे किए जा सकें। असल में अलवर में 65 वार्ड हैं। जीतने के लिए 33 पार्षदों की जरूरत पड़ेगी। जिसके पक्ष में 33 पार्षद पूरे हो जाएंगे। उसका ही बोर्ड बन सकेगा। पिछली बार साल 2019 में अलवर नगर परिषद में 65 वार्ड थे। बीजेपी के 27 और कांग्रेस के 19 प्रत्याशी जीतकर आए थे। कई निर्दलीय भी बीजेपी के साथ थे, लेकिन कांग्रेस ने जोड़-तोड़ कर अपना बोर्ड बना लिया था। पिछली बार बीजेपी पार्षदों पर लगे थे क्रॉस वोटिंग के आरोप तब बीजेपी के कई पार्षदों पर क्रॉस वोटिंग करने के आरोप लगे थे। उस समय प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी, लेकिन अब बीजेपी की सरकार है। इसलिए जानकारों का मानना है कि बीजेपी की कम सीटें आने पर भी आसानी से बोर्ड बना लिया जाएगा। इस बार निर्दलीय प्रत्याशियों के ज्यादा संख्या में जीतकर आने का अनुमान है। वैसे कांग्रेस के नेता भी बोर्ड बनाने का दावा कर रहे हैं।