जिले में हाल ही में नगरपरिषद में संपन्न हुए 59 वार्डों के चुनावों के तुरंत बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जोड़-तोड़ की राजनीति से बचने और संख्या बल को एकजुट रखने के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही कांग्रेस खेमे ने अपने पाले के पार्षदों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजना शुरू कर दिया, ताकि बोर्ड गठन के दौरान किसी प्रकार की उठापटक से बचा जा सके। बामणिया के फार्म हाउस से हुए रवाना ​जानकारी के मुताबिक के विधायक और जिलाध्यक्ष अर्जुनसिंह बामणिया के मलवासा स्थित फार्म हाउस पर कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद और उम्मीदवार इकट्ठा हुए। यहां बस से 56 उम्मीदवार साथ में गया है। यहां रणनीति तय करने के बाद सभी को एक निजी बस में सवार कर सुरक्षित स्थान के लिए रवाना किया गया। ​इस दौरान कांग्रेस नेता राकेश सेठिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि बस में कुल 56 उम्मीदवार सवार होकर रवाना हुए हैं, जबकि बाकी बचे 3 पार्षद उम्मीदवार किसी कारणवश अलग गाड़ी से उनके पीछे-पीछे आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बोर्ड गठन में बहुमत का आंकड़ा साधने और क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए इस बाड़ेबंदी को एक अचूक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।