बांसवाड़ा में नामांकन वापसी के बाद नगर परिषद के 60 में से 59 वार्डों में चुनावी तस्वीर साफ हो चुकी है। कई वार्डों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। वार्ड 20 में एक ही परिवार के दो सगे भाई चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं, जिससे मुकाबला रोमांचक बन गया है। वार्ड 20 से कुल 6 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यहां से कांग्रेस ने मुकेश यादव को अपना आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है, जबकि उनके बड़े भाई डायालाल यादव इसी वार्ड से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी और निर्दलीय प्रत्याशी के अलावा भाजपा और तीन अन्य निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। ऐसे में वार्ड का मुकाबला कड़ा हो गया है। भाई बोला- पार्टी को ताकत का अहसास कराने के लिए भरा था पर्चा निर्दलीय प्रत्याशी और बड़े भाई डायालाल यादव ने बताया कि उन्होंने वार्ड 20 और वार्ड 23 से टिकट मांगा था। वार्ड 23 एससी महिला के लिए आरक्षित होने के कारण उन्हें वहां से टिकट नहीं मिला। पार्टी को अपनी ताकत और नाराजगी का अहसास कराने के लिए उन्होंने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया था। बाद में पार्टी नेताओं के समझाने और अपनी व्यस्तताओं के चलते वे नामांकन वापस नहीं ले पाए। हालांकि, अब वे पूरी तरह अपने छोटे भाई और कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश यादव के समर्थन में हैं। उन्होंने वार्ड 20 में मुकेश यादव और वार्ड 23 में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन की घोषणा करते हुए कहा कि वे कंधे से कंधा मिलाकर अपने भाई को चुनाव जिताने का प्रयास करेंगे। डायालाल यादव ने यह भी कहा कि उनका परिवार पिछले 25 सालों से पार्टी के लिए निष्ठा से काम कर रहा है, इसके बावजूद पार्टी ने उनकी अनदेखी की है। ‘बड़े भाई का पूरा समर्थन मिल रहा है’ कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश यादव ने बड़े भाई के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में होने को लेकर कहा कि भले ही उन्होंने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया हो, लेकिन वे उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से भाई नामांकन वापस नहीं ले पाए, लेकिन उनका पूरा समर्थन कांग्रेस के साथ है। मुकेश यादव के अनुसार, उनके बड़े भाई ने फोन पर भी लोगों से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने और उन्हें समर्थन देने की अपील की है। दो बहनें भी चुनावी मैदान में, एक भाजपा तो दूसरी कांग्रेस से उम्मीदवार चुनाव में विश्वकर्मा सुथार समाज की दो बहनें भी अलग-अलग पार्टियों से चुनाव मैदान में हैं। वार्ड 42 से भाजपा ने गायत्री शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि वार्ड 54 से कांग्रेस ने उनकी बहन राजेश्वरी शर्मा को टिकट दिया है। गायत्री शर्मा पूर्व में पार्षद रह चुकी हैं। दो पड़ोसी, घर और चुनाव कार्यालय भी पास-पास वार्ड 44 में कांग्रेस ने नवीन पंड्या और भाजपा ने तरंग मेहता को चुनाव मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशी शहर के भोजापालिया क्षेत्र में रहते हैं। उनके घरों के बीच की दूरी महज 10 से 15 कदम है। दोनों ने अपने-अपने चुनाव कार्यालय भी एक ही गली में खोले हैं। गली से बाहर निकलते ही एक प्रत्याशी का कार्यालय दाईं ओर और दूसरे का बाईं ओर है। दोनों कार्यालयों के बीच की दूरी 10 कदम से भी कम है। ऐसे में वार्ड 44 का मुकाबला भी शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।