बारां जिले के गोरधनपुरा बालाजी के स्थान पर सोमवार को अफीम किसान संघर्ष समिति बारां-झालावाड़ के तत्वावधान में किसान महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष महेंद्र कुमार नागर ने की। महापंचायत में बारां-झालावाड़ के सैकड़ों की संख्या में अफीम किसान मौजूद रहे। महापंचायत में किसानों ने जिला आबकारी अधिकारी, बारां द्वारा जारी डोडा-चूरा नष्टीकरण के आदेश को वापस लेने की मांग प्रमुखता से उठाई। किसानों का कहना था कि वर्ष 2025-26 से पूर्व के अफीम डोडा-चूरा के लिए किसानों को 2000 रुपए प्रति किलो उचित मूल्य दिया जाए और नष्टीकरण की कार्रवाई को तब तक स्थगित रखा जाए जब तक सरकार इस पर उचित निर्णय नहीं ले लेती। किसानों ने मांग रखी कि अफीम उत्पादन में तुलाई के दौरान अफीम गोंद की धुलाई के साथ ही डोडा-चूरा की तुलाई भी साथ में की जाए। किसानों ने कहा कि चित्तौड़गढ़ जिले में किसान महापंचायत के आंदोलन के बाद सरकार ने डोडा-चूरा नष्टीकरण का आदेश वापस ले लिया था, उसी तर्ज पर बारां-झालावाड़ में भी आदेश वापस लिया जाए। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि जब तक भारत सरकार द्वारा डोडा-चूरा का उचित दाम घोषित नहीं किया जाता, तब तक कोई भी किसान डोडा-चूरा नष्टीकरण के लिए तोल केंद्र पर नहीं ले जाएगा। महापंचायत के बाद किसानों ने केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिला कलेक्टर बारां के नाम ज्ञापन तैयार किया। यह ज्ञापन उपखंड अधिकारी के माध्यम से तहसीलदार छीपाबड़ौद को सौंपा गया। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 11 सितंबर तक डोडा-चूरा नष्टीकरण का आदेश वापस नहीं लिया गया तो 12 सितंबर से छीपाबड़ौद उपखंड कार्यालय के बाहर टेंट लगाकर अनिश्चितकाल तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। महापंचायत में समिति अध्यक्ष महेंद्र कुमार नागर, उपाध्यक्ष अमृतलाल मेहरा, कोषाध्यक्ष प्रहलाद सुमन, संगठन मंत्री प्रेमचंद नागर, प्रवक्ता हेमराज लववंशी, शिवराज लववंशी, प्रेमचंद लोधा सेवानिवृत्त वनपाल, जगदीश लोधा, रमेश लोधा, बलराम मीणा, रामप्रसाद गुर्जर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।