बारां शहर की सरकार चुनने के लिए 9 सितंबर को होने वाले नगरपरिषद चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। 60 वार्डों के लिए कुल 217 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। खास बात यह है कि इस बार महिला उम्मीदवार बड़ी संख्या में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। कुल 217 उम्मीदवारों में 88 महिलाएं हैं, जिनमें से 55 ऐसी महिलाएं हैं जो अब तक घर-परिवार और चौका-चूल्हा संभाल रही थीं। अब वे वार्ड की चौपाल संभालने के लिए मैदान में उतरी हैं। वहीं 33 महिलाओं के पास अपना रोजगार है 37 निर्दलीय लड़ रहे चुनाव भाजपा, कांग्रेस और आप पार्टी के 180 उम्मीदवारों के अलावा 37 निर्दलीय भी चुनाव लड़ रहे हैं। सभापति की कुर्सी इस बार अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने से मुकाबला और भी रोचक हो गया है। किसी एक महिला पार्षद को ही शहर की प्रथम नागरिक बनने का मौका मिलेगा। नगरपरिषद के 60 वार्डों में 20 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा 21 वार्ड अनारक्षित, 14 वार्ड एससी, 12 वार्ड ओबीसी और 3 वार्ड एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। अधिकांश महिला प्रत्याशी पहली बार लड़ रही चुनाव महिला उम्मीदवारों की प्रोफाइल भी बेहद विविध है। कोई ब्यूटी पार्लर संचालिका है, तो कोई सिलाई कर परिवार पाल रही है। कोई किराना और रेडिमेड की दुकान चलाती है, तो कोई मजदूरी और कोई अभी पढ़ाई कर रही है। इनमें से अधिकांश को पहली बार टिकट मिला है, जबकि कुछ दूसरी बार मैदान में हैं। कई महिला उम्मीदवार सामान्य और मध्यम वर्गीय परिवारों से हैं, तो कुछ की पृष्ठभूमि राजनीतिक रही है। किसी के पति पूर्व पार्षद रह चुके हैं तो किसी के परिवार के सदस्य बड़े राजनीतिक पदों पर हैं। दिलचस्प यह भी है कि सिर्फ महिला आरक्षित वार्ड ही नहीं, बल्कि सामान्य अनारक्षित वार्डों में भी पार्टियों ने महिलाओं पर दांव लगाया है, जहां उनका मुकाबला सीधे पुरुष उम्मीदवारों से होगा।