नगर निकाय चुनाव की बिसात बिछ गई है। बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों में से 14 वार्ड में कांग्रेस-बीजेपी की सीधी टक्कर सामने आई है। वहीं 22 वार्ड में आरएलपी समेत निर्दलीय मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। कई वार्ड ऐसे हैं, जिनमें कांग्रेस-भाजपा अपनों को नहीं मना पाई। ऐसे में वहां दोनों पार्टियों के बागी चुनाव लड़ रहे हैं। 1 नंबर वार्ड में कांग्रेस के पूर्व उपसभापति ने बागी होकर चुनावी ताल ठोक दी है। वार्ड 19 में कांग्रेस के पूर्व सभापति और 4 बार के पार्षद सामने-सामने हैं। वार्ड 13 में नेताओं की रिश्तेदारी चर्चा में हैं। बीजेपी से खड़े उम्मीदवार की रिश्तेदारी कांग्रेस नेता से है। यहां मुकाबले त्रिकोणीय बाड़मेर में 22 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला है। इसमें बीजेपी-कांग्रेस के बागी चुनावी मैदान है। वहीं 6 वार्ड में आरएलपी, एक में बीएसपी होने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यह सारे प्रत्याशी कांग्रेस और बीजेपी के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस-बीजेपी में 14 वार्ड में सीधी टक्कर बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों में से केवल 14 वार्डों में बीजेपी और कांग्रेस की सीधी टक्कर है। बाकी जगह त्रिकोणीय या इससे ज्यादा प्रत्याशी मैदान में हैं। सबसे ज्यादा प्रत्याशी 7 वार्ड 35 में हैं। 4, 9, 10, 19, 22, 27, 29, 30, 31, 32, 34, 39, 44, 55 में सीधी टक्कर है। 18 वार्डों में RLP बाड़मेर नगर परिषद के 21 वार्डों में आरएलपी ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। इसमें एक फॉर्म खारिज हो गया। वहीं 2 वार्ड से प्रत्याशियों ने फॉर्म उठा लिया था। अब वार्ड संख्या 6,7, 8, 13, 15, 16, 21, 23, 24, 28, 33, 36, 37, 40, 41, 45, 46 में प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे है। पूर्व उपसभापति बागी होने पर त्रिकोणीय मुकाबला कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व उपसभापति सुरतान सिंह बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे वार्ड 1 में त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है। वार्ड में सबसे अधिक वोट वाले मूल OBC समाज से बीजेपी और कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। वोटों का ध्रुवीकरण होने से निर्दलीय को फायदा मिल सकता है। सुरतान सिंह पूर्व विधायक मेवाराम जैन के करीबी माने जाते हैं। वार्ड 13 चर्चित सीट इसमें 1145 वोटर हैं, अधिकांश जैन समुदाय के हैं। यहां पर बीजेपी के पदाधिकारी रहे कैलाश कोटड़ियां और कांग्रेस से जितेंद्र हैं। दोनों जैन समुदाय से हैं। लेकिन निर्दलीय होने से दोनों पार्टियों के समीकरण बिगड़ रहे हैं। इस वार्ड के बीजेपी प्रभारी पूर्व सभापति लूणकरण बोथरा है। वार्ड 15 में बिजनेसमैन आमने-सामने इसमें 1260 वोटर है। चुनावी कमेटी संयोजक और कद्दावर कांग्रेस नेता मांगीलाल वडेरा का गृह वार्ड है। बीजेपी में कुछ दिन पहले शामिल हुए गौतम चंद को टिकट दी है। गौतम चंद कांग्रेस नेता मांगीलाल वडेरा के रिश्तेदार हैं। वहीं, कपिल पूर्व विधायक मेवाराम जैन के रिश्तेदार हैं। पूर्व सभापति की चार बार के पार्षद से टक्कर कांग्रेस से पूर्व सभापति दीपक माली मैदान में हैं, तो भाजपा के माली समाज अध्यक्ष दमाराम माली को मैदान में उतारा है। दमाराम 2 बार निर्दलीय चुनाव जीते थे, 2 बार वे कांग्रेस से जीतकर पार्षद बने थे। इस बार उन्हें बीजेपी ने टिकट दिया है। ऐसे में, यह सीट बाड़मेर में चर्चित सीटों में से एक है। कांग्रेस के बागी BJP के बागी निकाय से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… निर्दलीयों को क्यों चाहिए सिर्फ 'एपल' का सिंबल:भारी डिमांड, 24 को मिला; रविंद्र सिंह भाटी को विधानसभा-लोकसभा में मिला था बाड़मेर में BJP-कांग्रेस के 17 करोड़पति प्रत्याशी:14 वार्डों में सीधी टक्कर, 15 में निर्दलीय और 6 में RLP से त्रिकोणीय मुकाबला प्रत्याशी के लिए आमने-सामने हुई बीजेपी-आरएलपी:बोले- भाजपा ने किडनैप किया, जबरन नाम वापसी करवाई