भरतपुर DST टीम और मथुरा गेट थाने के 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मथुरा गेट थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने जबरन नाबालिग पर अवैध का केस बनाया। साथ ही उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। नाबालिग से कांस्टेबल दशरथ हर महीने पैसे मांगता था। जब नाबालिग ने पैसे नहीं दिए तो, उसने नाबालिग को झूठे केस में फंसवाया। जन्म के बाद से ही भरतपुर में रहता है नाबालिग 16 साल के नाबालिग की बुआ ने FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि मेरे भाई की मौत होने के 12 दिन बाद मेरे भतीजे का जन्म हुआ। जन्म होने के कुछ समय बाद मैं अपने भतीजे को अपने पास भरतपुर पर ले आई। तब से मैं अपने भतीजे की पढाई-लिखाई करवा रही हूं। कांस्टेबल ने हर महीने मांगा हप्ताह दिसंबर में नाबालिग ने रेंटल कार का व्यापार शुरू किया था। नाबालिग का ऑफिस भरतपुर में ही है। व्यापार शुरू होने के कुछ दिन बाद DST टीम का कांस्टेबल दशरथ नाबालिग के पास पहुंचा और, उसे धमकी दी कि अगर उसे व्यापार चलाना है तो, उसे 10 हजार रुपये महीने देने होंगे नहीं तो, नाबालिग का व्यापार नहीं चलने देगा। पैसे नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी पैसे नहीं देने पर कांस्टेबल दशरथ ने व्यापार बंद करवाने की धमकी भी दी है। कांस्टेबल की धमकी के बाद नाबालिग ने उसे हर महीने पैसे देने की हां कर दी। तीन महीने तक नाबालिग ने अपना व्यापार चलाया। तीनों महीने नाबालिग ने कांस्टेबल को पैसे दिए। व्यापार बंद होने के बाद मांगा हप्ताह व्यापार में घाटा होने के बाद नाबालिग ने व्यापार बंद कर दिया। उसके बाद भी कांस्टेबल नाबालिग से हर महीने पैसे मांगता रहा। व्यापार बंद होने के कारण नाबालिग ने कांस्टेबल को पैसे देने से मना कर दिया। तब कांस्टेबल नाबालिग को झूठे मुक़दमे में फंसाने की धमकी देने लगा। 21 अगस्त को नाबालिग किया था गिरफ्तार तब कांस्टेबल नाबालिग से रंजिश रखने लगा। 19 अगस्त को नाबालिग अपने दोस्तों के साथ खाटू श्याम गया था। वहां से नाबालिग 21 अगस्त को सुबह 9 बजे वापस घर आया। घर आते समय नाबालिग की कार का टायर पंचर हो गया। दो कांस्टेबल नाबालिग को ले गए थे नाबालिग अपनी कार को वहीं छोड़कर पास ही दुकान पर चाय पीने के लिए चला गया। तभी वहां दो व्यक्ति आये उन्होंने नाबालिग को अपना नाम अंकित और मानवीर बताया। दोनों व्यक्तियों ने नाबालिग से कहा कि हम DST टीम से हैं और, हमें कांस्टेबल दशरथ ने तुम्हें बुलाने के लिए भेजा है। पुलिसकर्मियों ने नाबालिग को बुरी तरह पीटा दोनों पुलिसकर्मी नाबालिग को लेकर DST कार्यालय ले गए। वहां पर कांस्टेबल दशरथ पहले से मौजूद था। कांस्टेबल ने नाबालिग को DST ऑफिस के अंदर पट्टों और लात घूंसों से पीटा। नाबालिग के पैरों पर कांस्टेबल हरिओम खड़ा हो गया। DST टीम ने नाबालिग के साथ बुरी तरह मारपीट की उसके बाद DST टीम के लोगों ने किसी व्यक्ति से एक देसी कट्टा मंगवाया। कांस्टेबल ने नाबालिग की जेब में रखा अवैध हथियार शाम करीब 5 बजे DST कार्यालय पर शिवलाल ASI और दो कांस्टेबल DST कार्यालय पर आये। वह नाबालिग के मुंह पर कपड़ा बांधकर थाने पर ले गए। ASI नाबालिग को एक सुनसान जगह ले गया। वहां पर कांस्टेबल अनिल आया और उसने एक थैले से कट्टा निकालकर नाबालिग के पैर पर रख दिया। गोली मारने की भी दी धमकी पुलिसकर्मियों ने नाबालिग से कहा कि हम तेरी वीडियो बनाएंगे। जैसे हम कहेंगे तुझे वैसा बोलना है अगर नहीं बोला तो, तेरे पैर में गोली मार देंगे। पुलिसकर्मियों ने कट्टे को नाबालिग के पेंट में फंसा दिया और, वीडियो बनाते हुए नाबालिग की तलाशी ली और, उसके पास से कट्टा बरामद दिखाया। नाबालिग के शरीर पर आई गंभीर चोटें उसके बाद पुलिसकर्मियों ने नाबालिग के घर पर सूचना दी। तब नाबालिग के परिजन थाने पहुंचे और उसकी जमानत करवाई। पुलिसकर्मियों ने नाबालिग पर झूठा मुकदमा भी दर्ज कर लिया। नाबालिग के शरीर पर कई गंभीर चोटें थी।