जन्माष्टमी के अवसर पर भीलवाड़ा कान्हा की भक्ति के रंग में रंगा। शहर की कई गली मोहल्लों में झांकियां सजी, मंदिरों में कान्हा के जन्म की बधाई दी और घरों में लड्डू गोपाल का आकर्षक श्रृंगार हुआ। रात बारह बजने के साथ ही कान्हा जन्म की किलकारी गूंजी मदिरों में महाआरती की गई और भक्तो में पंजेरी और माखन मिश्री के प्रसाद का वितरण हुआ। इस दौरान हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की और कृष्ण कन्हैया लाल के जयकारे लगे। संकट मोचन हनुमान मंदिर में झांकियां सजी शहर के मुख्य डाकघर के पास स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर के बाहर कृष्ण लीलाओं को आकर्षक झांकियां सजाई जिन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नगर निगम चौराहे से लेकर गोलप्याऊ चौराहे तक कृष्ण भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं। रात आठ बजे के बाद मंदिर के बाहर दर्शनार्थियों की कतार आधे किलोमीटर से भी अधिक लंबी हो गई, जो समय के साथ और बढ़ती गई। इस मौके पर हनुमान जी महाराज को डायमंड का चोला भी अर्पित किया गया। झांकियों में नजर आए महाभारत के प्रसंग सूर्यास्त के बाद आरती के साथ झांकियों के दर्शन शुरू हुए, जबकि मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म के समय महाआरती की गई। इस बार झांकियों का मुख्य आकर्षण महाभारत के विभिन्न प्रसंगों की झलक दिखाने वाली प्रस्तुति रही। साथ ही कालियादेह नागलीला, गोवर्धन पर्वत उठाने, माखन चोरी, राधा-कृष्ण के रास, सुदामा आगमन सहित करीब दो दर्जन झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। बालाजी मंदिर में महाआरती और नंदोत्सव पेंच एरिया स्थित बालाजी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। रात्रि ठीक 12 बजे जन्मकाल के समय हजारों भक्तों की मौजूदगी में कन्हैया के जयकारों के बीच महाआरती और दर्शन हुए। ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ पूरा मंदिर प्रांगण गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन में महाआरती के बाद नंदोत्सव मनाया। केसर ओर इत्र मिश्रित जल भक्तों ओर छिड़का इस दौरान भक्तों पर केसर सहित सुगंधित द्रव्यों और इत्र मिश्रित जल का छिड़काव किया गया तथा पुष्पवर्षा की गई। आरती पूर्ण होते ही प्रसाद वितरण शुरू हुआ, जो रात दो बजे तक जारी रहा। इसके पहले शाम 5 बजे से झांकियों के दर्शन और भगवान के दर्शन आरंभ कर दिए गए थे। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने खेवा पद्धति से दर्शन किए। नौगांवा में वृंदावन सा अहसास जय श्रीकृष्ण और जय श्री सांवरिया सेठ के जयकारे गूंजने लगे। हर तरफ दीपों की रोशनी और हाथों में उठी आरती की थालियां नजर आईं। बाल गोपाल के जन्म के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। नौगांवा के श्री सांवरिया सेठ मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव का। जन्माष्टमी पर मंदिर परिसर में ही वृंदावन से दर्शन हुए। मोगरे की खुशबू से महक उठा मंदिर फूलों से बने बंगले, मोगरे की खुशबू, कृष्ण की बाल लीलाओं की झांकियां और भजनों की गूंज ने वातावरण को कृष्णमय कर दिया। जन्मोत्सव से पहले भगवान सांवरिया सेठ का दुग्धाभिषेक किया गया। दूध, केसर, गुलाब जल और पंचामृत से अभिषेक के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार हुआ। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का दृश्य विशेष आकर्षण रहा।कारागृह में जन्म लेते कान्हा की झांकी के साथ जन्मोत्सव मनाया गया।