जयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार 150 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों के चुनावी हलफनामे में पढ़ाई का भी दिलचस्प गणित सामने आया है। दैनिक भास्कर ने उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता का विश्लेषण किया तो पता चला कि चुनाव मैदान में पीएचडी, पोस्ट ग्रेजुएट से लेकर ग्रेजुएट, 12वीं पास और 10वीं फेल उम्मीदवार हैं। इनमें से 28 उम्मीदवार तो कभी स्कूल ही नहीं गए। 45 प्रतिशत कॉलेज नहीं गए यानी इन्होंने सिर्फ स्कूली शिक्षा पूरी की है। भाजपा-कांग्रेस के 298 उम्मीदवारों में से कुल 279 पढ़े-लिखे है। जिसमें कुल 81 प्रत्याशी ग्रेजुएट हैं। वहीं 62 प्रत्याशियों ने पोस्ट ग्रेजुएशन की हुई है। 277 उम्मीदवारों की इस लिस्ट में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे 3 महिला कैंडिडेट है। बाकी सब 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं और साक्षर योग्यता वाले प्रत्याशी है। 19 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनकी एजुकेशन हलफनामे में साफ तौर पर नहीं लिखी है। भाजपा के करोड़पति उम्मीदवार सिर्फ साक्षर वहीं वार्ड-131 से भाजपा प्रत्याशी कैलाश चंद मीणा सिर्फ साक्षर है। कैलाश चंद मीणा 15 करोड़ के मालिक है। वे भाजपा-कांग्रेस के टॉप-5 करोड़पति पार्षद प्रत्याशी की सूची में शामिल है। कैलाश चंद पूर्व में जामडोली के सुमेल के सरपंच भी रह चुके हैं। महिला प्रत्याशी सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी वार्ड-110 से बीजेपी प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल के पास पीएचडी की डिग्री है। वार्ड-20 से बीजेपी की प्रत्याशी उदिता सिंह चौहान के पास पीएचडी और एम.फिल की डिग्री है। वार्ड-6 से कांग्रेस प्रत्याशी मधुबाला शर्मा ने ट्रिपल एम.ए. और एम.एड. की डिग्री की हुई है। वहीं वार्ड-4 की बीजेपी प्रत्याशी पिंकी शर्मा 10वीं फेल है। वार्ड-44 से कांग्रेस के विनय प्रताप भोपार भी 10वीं फेल है। कांग्रेस के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे 10 उम्मीदवार बीजेपी के सबसे ज्यादा पढे-लिखे 10 उम्मीदवार जेन-जी 12वीं पास तो कोई कॉलेज में वार्ड-150 से भाजपा की जेन-जी उम्मीदवार शालू मीणा अभी बीबीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट है। वहीं दूसरी ओर वार्ड-119 से कांग्रेस प्रत्याशी 22 साल के जेन-जी यश राणावत ने 12वीं तक पढ़ाई की है। वार्ड-46 से कांग्रेस उम्मीदवार हर्षिता जैन भी 12वीं कर पढ़ी है।