भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 अधिकृत प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न स्वीकार नहीं करने का मामला राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर पहुंच गया है। कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना दुबे ने राज्य निर्वाचन आयोग सहित अन्य के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। मामले की शुरुआती सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की है। तीन बजे से पहले आरओ के पास पहुंचने का आधार याचिका में यह आधार दिया गया है कि कांग्रेस के चुनाव चिह्न तीन बजे से पहले रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के पास पहुंच गए थे। इसके बावजूद चुनाव चिह्न स्वीकार नहीं किए गए। न्यायमूर्ति मुकेश राजपुरोहित की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अर्चना दुबे को निर्देश दिया कि वह रिट याचिका की कॉपी उसी दिन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता आयुष गहलोत और अतिरिक्त महाधिवक्ता के सहयोगी अधिवक्ता राजेश पंवार को उपलब्ध कराएं। अगली सुनवाई 7 सितंबर को हाईकोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष के वकीलों को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई तक मामले में जरूरी निर्देश प्राप्त कर कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखें। अदालत ने कार्यालय को वकीलों के नाम कॉज लिस्ट में प्रतिवादी पक्ष के वकील के रूप में दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं। क्या था पूरा मामला नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 अधिकृत प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न तय समय में रिटर्निंग ऑफिसर के पास पेश नहीं हो पाए थे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे तय समय पर चुनाव चिह्न लेकर पहुंचे थे, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने सिंबल लेने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, अधिकारी का कहना था कि चुनाव चिह्न जमा कराने की तय समय-सीमा खत्म हो चुकी थी। इसलिए सिंबल स्वीकार नहीं किए गए। सिंबल नहीं मिलने से चुनाव से बाहर हुए प्रत्याशी चुनाव चिह्न स्वीकार नहीं किए जाने के कारण कांग्रेस के सभी 17 प्रत्याशी चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए। इस मामले के बाद कांग्रेस के अंदर संगठन की ओर से हुई लापरवाही और प्रत्याशियों तक चुनाव चिह्न पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट में 7 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।