भाजपा ने कांग्रेस शासित राज्यों में महिला मंत्रियों की संख्या को लेकर पार्टी पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात करती है, लेकिन उसके अपने राज्यों की सरकारों में इसकी तस्वीर अलग है। उसकी कथनी और करनी के बीच बहुत अंतर है। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस की चार राज्यों में सरकार है। इनमें हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में एक भी महिला मंत्री नहीं है। केरल में दो और तेलंगाना में दो महिला मंत्री थीं, लेकिन तेलंगाना की एक मंत्री को हटा दिया गया। इस तरह चार कांग्रेस शासित राज्यों में अब सिर्फ तीन महिला मंत्री रह गई हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के लिए बड़ा अन्याय बताया। महिला आरक्षण पर कांग्रेस से सवाल भाजपा नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात करती रही है, लेकिन पार्टी शासित राज्यों में महिला मंत्रियों की संख्या को लेकर उसकी स्थिति अलग दिखाई देती है। त्रिवेदी ने खास तौर पर खड़गे के उस पत्र का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस महिला प्रतिनिधित्व को लेकर गंभीर है तो उसे अपने राज्यों की सरकारों में भी इसका असर दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रुख उसके विचार, बयान और फैसलों में एक जैसा नहीं दिखता। त्रिवेदी के मुताबिक, यही वजह है कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। सुधांशु बोले- मोदी सरकार में सबसे ज्यादा महिला मंत्री सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के रुख की तुलना केंद्र की मोदी सरकार से भी की। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी की सरकार में देश के इतिहास में अब तक सबसे ज्यादा महिला मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हितों के मामले में मोदी सरकार के रिकॉर्ड और कांग्रेस के दावों के बीच बड़ा अंतर है। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर ‘विश्वसनीयता के संकट’ का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी और खड़गे के नेतृत्व में पार्टी जो कहती है, उसके और सरकार चलाते समय उसके फैसलों के बीच अंतर साफ दिखाई देता है।