बूंदी नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन शुक्रवार को 78 प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए। इनमें वार्ड 1 से 30 तक 40 और वार्ड 31 से 60 तक 38 प्रत्याशी शामिल हैं। भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है, ऐसे में दोनों दलों के कई दावेदारों ने निर्दलीय के रूप में भी नामांकन दाखिल कर दिया। 31 अगस्त को नामांकन की अंतिम तारीख होने और रविवार को अवकाश के चलते सोमवार को रिटर्निंग अधिकारी कार्यालयों में सबसे ज्यादा गहमागहमी रहने की संभावना है। 78 प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन शुक्रवार को निर्वाचन कक्षों के बाहर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ लगी रही। वार्ड 1 से 30 तक 40 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए, जबकि वार्ड 31 से 60 तक 38 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे। कांग्रेस की ओर से वार्ड 58 से लोकेश ठाकुर, वार्ड 53 से एडवोकेट संजय शर्मा, वार्ड 46 से आशा गंगवाल, वार्ड 60 से मोइनुद्दीन, वार्ड 59 से सलीम अख्तर, वार्ड 38 से सुनीता वर्मा, वार्ड 52 से मनीषा मेवाड़ा, वार्ड 35 से गंगा बाई सोनगरा, वार्ड 37 से रामराज बंजारा और वार्ड 16 से सुरेंद्र भारद्वाज ने नामांकन दाखिल किया। वहीं भाजपा से वार्ड 5 से सोनिया सिंह, वार्ड 24 से रेखा श्रृंगी, वार्ड 59 से मोहनलाल बिरला और वार्ड 32 से दिनेश गोस्वामी ने पर्चे भरे। इसके अलावा दोनों प्रमुख दलों के आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भी नामांकन दाखिल किया। टिकट का इंतजार, दावेदारों ने पहले ही भर दिए पर्चे नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। भाजपा और कांग्रेस की अधिकृत सूची जारी नहीं होने से टिकट के दावेदारों के बीच असमंजस बना हुआ है। ऐसे में कई प्रत्याशी पार्टी से अंतिम हरी झंडी मिलने का इंतजार करने के साथ अपना नामांकन भी दाखिल कर रहे हैं। भाजपा में बगावत रोकने की कवायद भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, कुछ वार्डों में प्रत्याशियों का चयन हो चुका है, लेकिन अधिकांश वार्डों में चयन प्रक्रिया अभी जटिल बनी हुई है। पार्टी नेतृत्व संभावित बगावत और दावेदारों के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने की आशंका को देखते हुए सभी प्रमुख दावेदारों से नामांकन भरवा रहा है। अधिकृत प्रत्याशियों के नाम तय होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में पार्टी सिंबल जारी किए जाएंगे। इससे पार्टी के सामने टिकट वितरण के साथ-साथ असंतुष्ट दावेदारों को साधने की चुनौती भी बनी हुई है। कांग्रेस ने भी सूची रोककर रखी दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी मौजूदा राज्यव्यापी राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए अधिकृत सूची जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। पार्टी की ओर से नामांकन के अंतिम दिन सीधे रिटर्निंग अधिकारी को पार्टी सिंबल सौंपे जाएंगे। दोनों प्रमुख दलों की इस रणनीति से फिलहाल टिकट को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। अब सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन यह स्पष्ट होगा कि कौन से दावेदार पार्टी प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरते हैं और किन्हें निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ना पड़ता है।