कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को TMC सांसद महुआ मोइत्रा की सुरक्षा के लिए 2 पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश दिया। ये जवान अगले 30 दिन तक उनके कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र के दौरों में साथ रहेंगे। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने कहा कि भीड़ द्वारा परेशान किए जाने के आरोपों को देखते हुए सांसद को सुरक्षा देना जरूरी है। 30 दिन बाद राज्य सरकार रिपोर्ट देगी। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी। महुआ के वकील कल्याण बंदोपाध्याय ने कहा कि वे अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से नहीं जा पा रही हैं और सांसद के तौर पर काम करने में भी परेशानी हो रही है। सुनवाई में 1 जुलाई की घटना का जिक्र महुआ के वकील बंदोपाध्याय ने कहा कि 1 जुलाई को कालीगंज में भीड़ ने महुआ पर अंडे, आलू, टमाटर और पत्थर फेंके। उनका आरोप है कि पुलिस को पहले से जानकारी थी, फिर भी समय पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार होंगी तो महुआ सांसद के तौर पर काम कैसे करेंगी। उन्होंने कहा कि सांसद का अपने क्षेत्र में जाना जरूरी है। वकील ने महुआ के फेसबुक लाइव का भी हवाला दिया, जिसमें घटना दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस और DGP को पहले ही जानकारी दी गई थी, लेकिन पुलिस करीब तीन घंटे बाद पहुंची। महुआ के वकील ने पुराने आदेश का हवाला दिया बंदोपाध्याय ने जून 2026 के कोर्ट आदेश का हवाला देते हुए कहा कि हर व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य की है। उन्होंने कहा कि आदेश में DGP को निर्देश दिए गए थे, लेकिन अगले ही दिन महुआ के साथ घटना हो गई। कोर्ट ने पूछा कि अगर सांसद के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो दूसरे राजनीतिक लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। वकील ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और कानून से नीचे भी कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि महुआ को अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से जाने के लिए सुरक्षा जरूरी है। अगर महिला सांसद के साथ ऐसा हो रहा है, तो आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बंगाल सरकार ने कहा- तीनों शिकायतों पर FIR दर्ज बंगाल सरकार के वकील राजदीप मजूमदार ने कहा कि महुआ मोइत्रा ने तीन शिकायतें दर्ज कराई थीं। पुलिस ने तीनों पर कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है। उन्होंने कहा कि वे पता करेंगे कि इसके बाद महुआ ने अपने क्षेत्र का दौरा किया या नहीं और उन्हें कोई परेशानी हुई या नहीं। कोर्ट ने कहा कि कुछ समय के लिए महुआ के क्षेत्र में जाने पर पुलिस सुरक्षा दी जा सकती है। कोर्ट ने पूछा- सुरक्षा के बावजूद घटनाएं कैसे हुईं राज्य सरकार ने कहा कि महुआ को पहले से ही सुरक्षा मिली हुई है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि फिर ऐसी घटनाएं कैसे हुईं, जिन पर FIR दर्ज करनी पड़ी। कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में लगता है कि उनकी सुरक्षा प्रभावित हुई है। कोर्ट ने कहा कि निजी सुरक्षा के अलावा अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी तैनात किए जाएं। थाने के बाहर 1,000 लोगों की भीड़ का दावा महुआ के वकील ने कहा कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में हलफनामा दाखिल करने की मांग की। उन्होंने बताया कि हाल में महुआ एक मामले में पुलिस थाने गई थीं। उनके मुताबिक, थाने के बाहर करीब 1,000 लोग मौजूद थे और उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश हुई। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को ऐसी स्थिति पर सख्ती से कार्रवाई करनी होगी, वरना मामला उसके नियंत्रण से बाहर हो सकता है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… महुआ मोइत्रा का आरोप- प्रशासन ने सर्किट हाउस खाली करने कहा, बोलीं- नहीं हटूंगी, भीड़ ने जय श्रीराम के नारे लगाए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि बंगाल के नदिया जिला प्रशासन ने उन्हें देर रात कृष्णानगर के सर्किट हाउस का रुम खाली करने को कहा। उन्होंने कहा कि रुम खाली करने से मना करने के बाद सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पूरी खबर पढ़ें…