कासं|सवाईमाधोपुर सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से शुक्रवार को जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक एवं श्रमण संस्कृति रक्षा पर्व श्रद्धा-भक्तिपूर्वक मनाया गया। इस दौरान नगर परिषद क्षेत्र के जिनालय मुनियों के जयकारों से गूंज रहे थे। इस मौके पर चमत्कार जी मंदिर के पंडित आशीष जैन शास्त्री ने श्रमण संस्कृति रक्षा पर्व पर प्रकाश डालते हुए इसे धर्म, आत्मज्ञान, चारित्र और रक्षा की महानता का पर्व बताया। आलनपुर स्थित दिगंबर जैन नेमिनाथ अतिशय क्षेत्र दीवान जी की नसिया मंदिर में जिनेंद्र भक्तों ने जिनेंद्र देव का अभिषेक किया। मंत्रोच्चार के बीच जगत कल्याण की कामनार्थ शांतिधारा कर जिनेंद्र देव को चंवर ढुलाए। समाज के प्रवक्ता प्रवीण जैन ने बताया कि जिनाभिषेक व शांतिधारा के बाद भगवान श्रेयांसनाथ, विष्णु कुमार एंव अकंपनाचार्यादि 700 मुनियों की अष्ट द्रव्यों से पूजन कर अर्घ्य समर्पित किए और सभी जीवों के प्रति वात्सल्य भाव रखने के साथ ही देव-शास्त्र व गुरु की रक्षा करने का संदेश दिया। साथ ही निर्वाण कांड का सामूहिक उच्चारण कर मोक्ष के प्रतीक स्वरूप मोदक समर्पित किया। पूजन के दौरान सामूहिक रूप से एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी गई। पूजनोपरांत जिनेंद्र देव की आरती उतारी गई। इसी क्रम में जिनेंद्र भक्तों ने जिनालय की वेदी में विराजित जिनेंद्र प्रतिमाओं के समक्ष रक्षा सूत्र रख उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज के महिला-पुरुष काफी संख्या में मौजूद रहे और वात्सल्य पर्व की शुभकामनाएं दी। चमत्कार जी का प्राकट्य दिवस कल: चमत्कार जी मंदिर प्रबंध समिति के संयोजन में रविवार को चमत्कारजी के नाम से प्रसिद्ध प्रतिमा का प्राकट्य दिवस विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिर में जिनाभिषेक, शांतिधारा चमत्कार जी मंदिर आलनपुर से चरण छत्री (उदगम स्थल) तक पदयात्रा, भक्तामर मंडल विधान पूजन व कलशाभिषेक आदि कार्यक्रम होंगे। चमत्कार जी मंदिर प्रबंध समिति मंत्री योगेंद्र पापड़ीवाल के संयोजन में तैयारी जोरो पर चल रही है। वहीं अध्यक्ष रमेश चंद छाबड़ा एवं कोषाध्यक्ष सुनील बाकलीवाल ने समाजजनों से कार्यक्रमोे में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।