प्रताप नगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल में जोधपुर एम्स की तर्ज पर 40 लाख रुपए लागत से अर्ली इंटरवेंशन सेंटर बनेगा। सीएसआर फंड से बनने वाले सेंटर की मंजूरी मिल चुकी है और जगह भी चिह्नित कर ली गई है। आचार संहिता हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इस साल के अंत तक बच्चों को सुविधा मिलने लगेगी। सेंटर में जन्म से बोलने में लड़खड़ाहट, शरीर का विकास नहीं होना, मोतियाबिंद, रिफ्रेक्शन एरर, सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज्म और दिल संबंधी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। आरयूएचएस में शुरू हुए ये विभाग/सुविधाएं: कैंसर ओपीडी, एलर्जी क्लिनिक, ऑक्यूप्लास्टी सर्जरी, कॉक्लियर इंप्लांट प्रोग्राम, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और कार्डियो थोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग शुरू हो चुके हैं। जेके लोन के बाद दूसरा सेंटर आरयूएचएस पीडियाट्रिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेन्द्र गर्ग ने बताया कि अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में जन्म के समय के दोषों, बीमारियों, विकास में देरी और दिव्यांगता जैसी समस्याओं की पहचान कर बच्चों को सामान्य जीवन जीने का अवसर मिलेगा। जेके लोन के बाद जयपुर में यह दूसरा सेंटर होगा। देश में जन्म लेने वाले 2 से 5% बच्चे ऐसी बीमारियों से पीड़ित होते हैं। बच्चों को खेल-खेल में सिखाने के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी। अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर निशुल्क इलाज तक की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी। सेंटर की मंजूरी मिल चुकी है। टेक्निकल स्पेशीफिकेशन का काम पूरा हो चुका है। -डॉ. मोहनीश ग्रोवर, प्राचार्य, आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज