अगस्त का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन चित्तौड़गढ़ जिले में इस बार मानसून अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं बरसा। बारिश रुक-रुक कर होने से जिले में अब तक औसत का सिर्फ 70.50 प्रतिशत पानी ही गिर पाया है। कई बड़े बांध और छोटे तालाब अब भी पूरी तरह नहीं भर सके हैं। पिछले कुछ दिनों से बारिश थमने के बाद उमस ने लोगों की परेशानी फिर बढ़ा दी है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहेगा, लेकिन सितंबर की शुरुआत में मौसम फिर करवट ले सकता है। तीन और चार सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। उमस ने बढ़ाई परेशानी चित्तौड़गढ़ जिले में इस बार मानसून पूरे सीजन में एक जैसा सक्रिय नहीं रहा। कभी एक-दो दिन अच्छी बारिश हुई तो उसके बाद कई दिनों तक मौसम सूखा बना रहा। यही वजह है कि अगस्त के आखिर तक भी जिले में केवल 528.75 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो सकी है, जो सामान्य औसत का 70.50 प्रतिशत है। बारिश रुकने के बाद दिन में तेज धूप और हवा में नमी बढ़ने से उमस लगातार लोगों को परेशान कर रही है। सुबह से लेकर शाम तक चिपचिपी गर्मी महसूस हो रही है और रात में भी राहत नहीं मिल रही। जिन लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद थी, उन्हें अब सितंबर का इंतजार है। बांध और तालाब नहीं भर पाए कम बारिश का असर जिले के जलाशयों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इस बार बड़े बांधों के साथ-साथ छोटे बांध और तालाब भी उम्मीद के मुताबिक नहीं भर पाए हैं। कई जगह जल स्तर अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है। ग्रामीण इलाकों में किसान भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि खरीफ की फसलों के लिए अगले कुछ दिन काफी अहम माने जा रहे हैं। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेतों में खड़ी फसलों पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि लोगों की नजर अब मौसम के अगले दौर पर टिकी हुई है। अभी एक सप्ताह कमजोर रहेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल अगले एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन चित्तौड़गढ़ में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई गई है। हालांकि अगर आसपास के जिलों में अच्छी बारिश होती है तो उसका असर चित्तौड़गढ़ के मौसम पर भी पड़ सकता है। विभाग का अनुमान है कि तीन और चार सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं। ऐसे में चित्तौड़गढ़ जिले में भी एक बार फिर अच्छी बारिश की उम्मीद बनी हुई है। अगर यह सिस्टम मजबूत रहा तो सितंबर की शुरुआत जिले के लिए राहत लेकर आ सकती है और अब तक बने बारिश के घाटे में भी कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।