शिक्षा विभाग के नवाचार और जनसंवाद कार्यक्रम के तहत बुधवार रात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चोखला में रात्रि विश्राम कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण एक साथ बैठे। सभी ने गांव के स्कूल में अच्छी शिक्षा, स्कूल की समस्याओं और बच्चों के भविष्य को लेकर बात की। कार्यक्रम के तहत स्कूल के प्रिंसिपल और सीबीईओ ने रात स्कूल में ही बिताई। स्कूल की समस्याओं पर हुई बात कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के प्रधानाचार्य कोदरसिंह सोलंकी ने की। मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) नगेंद्र कुमार मेहता रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षाविद गेबीलाल पाटीदार और कचरूलाल पाटीदार मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के सामने दीप जलाकर और वंदना के साथ हुई। इसके बाद स्कूल के स्टाफ और ग्रामीणों ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रिंसिपल ने बताई स्कूल की स्थिति प्रधानाचार्य कोदरसिंह सोलंकी ने स्कूल की पढ़ाई और अब तक मिली उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने पढ़ाई की व्यवस्था में आ रही भौतिक और दूसरी परेशानियों को बताया। उन्होंने इन समस्याओं को दूर करने की मांग रखी। सीबीईओ बोले- सिर्फ किताबी ज्ञान जरूरी नहीं मुख्य अतिथि सीबीईओ नगेंद्र कुमार मेहता ने कहा कि प्रशासन और समाज के बीच सीधी बातचीत होने से बड़ी और मुश्किल समस्याओं को हल करना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ किताबों का ज्ञान देना नहीं है। बच्चों के चरित्र और उनके पूरे व्यक्तित्व का विकास भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। साथ ही स्कूल की समस्याओं को जल्द दूर करने का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने स्कूल के लिए सहयोग का भरोसा दिया विशिष्ट अतिथियों ने गांव में शिक्षा का माहौल बेहतर बनाने के लिए ग्रामीणों की मदद को जरूरी बताया। इसके बाद खुले संवाद में ग्रामीणों ने स्कूल के हित में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया। शिक्षक और ग्रामीण रहे मौजूद कार्यक्रम का संचालन शिक्षक आशीष उपाध्याय ने किया। जयदीप पाटीदार ने सभी का आभार जताया। इस दौरान रमणलाल पाटीदार, परेश पाटीदार, राजेंद्र पाटीदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और स्कूल स्टाफ मौजूद रहा। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।