भरतपुर| मोबाइल पर अनजान लिंक आया, बैंक अधिकारी बनकर फोन आया या अचानक किसी पुलिस अधिकारी के नाम से वीडियो कॉल आ गई... एक छोटी सी चूक और मेहनत की कमाई खाते से गायब। इसी खतरे को देखते हुए पुलिस ने सितंबर को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाने का फैसला किया है। पूरे महीने पुलिस आमजन को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताएगी। पुलिस का यह अभियान सिर्फ थानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और गांव की पंचायत तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जाएगा। साइबर ठगों के निशाने पर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम होंगे। पुलिस, पेंशन विभाग के साथ मिलकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी बैंक अधिकारी और अन्य साइबर फ्रॉडसे बचाव की जानकारी देगी।