डीग में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने डीग नगर निकाय के 40 वार्डों में से 27 के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। टिकट वितरण के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया, लेकिन कुछ वार्डों में अंदरूनी असंतोष और बगावत की चुनौती भी सामने आई है। भाजपा द्वारा घोषित प्रत्याशियों में कुछ ऐसे कार्यकर्ता भी शामिल हैं जिनका पूर्व में कांग्रेस से जुड़ाव रहा है। इन कार्यकर्ताओं को टिकट दिए जाने से शहर में राजनीतिक चर्चाएं गरमा गई हैं। पार्टी ने स्थानीय समीकरणों और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वार्डों में प्रत्याशियों का चयन किया है। सबसे अधिक चर्चा वार्ड नंबर 26 के टिकट वितरण को लेकर है। इस वार्ड में भाजपा ने किसी भी दावेदार को पार्टी का अधिकृत टिकट नहीं दिया है। यहां से भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष ललित तिवारी, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार एडवोकेट, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा और सुनील शर्मा जैसे प्रमुख स्थानीय नेता टिकट के दावेदार थे। पार्टी द्वारा वार्ड 26 में टिकट न दिए जाने के बाद इन नेताओं के समर्थकों में भी हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार ये सभी नेता अब भाजपा के अधिकृत टिकट के बिना निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वार्ड 26 में एक ही पार्टी से जुड़े कई प्रमुख चेहरों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से मुकाबला रोचक होने के साथ-साथ भाजपा के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि चुनाव में इन नेताओं का व्यक्तिगत प्रभाव और समर्थकों का साथ किसके पक्ष में जाता है।