डीडवाना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विशेष योग्यजनों और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के अधिकारों पर एक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शनिवार को स्थानीय जीवन ज्योति संस्थान में हुए इस शिविर से कुल 34 लोग लाभान्वित हुए। यह शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नाहर सिंह मीणा और सचिव विकास ऐचरा के निर्देश पर आयोजित किया गया था। इसमें उपस्थित लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, गरिमापूर्ण जीवन, पुनर्वास, नि:शुल्क विधिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधाओं और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने जोर दिया कि आर्थिक या सामाजिक स्थिति के कारण किसी भी व्यक्ति को न्याय और कानूनी सहायता से वंचित नहीं किया जा सकता। आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। शिविर के दौरान जीवन ज्योति संस्थान की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि संस्थान में रह रहे दो किशोरों, दिग्विजय सिंह और हेमराज, का पुनर्वास सफलतापूर्वक किया जा चुका है। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति तेजकरण और कर्मवीर अपने-अपने घरों पर पाए गए, तेजकरण पारिवारिक सदस्य की मौत के कारण घर गए हुए थे। संस्थान में उपस्थित व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाएं सामान्य रूप से संतोषजनक पाई गईं। हालांकि, संस्थान में चिकित्सीय सहायता की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस पर बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। शिविर के अंत में उपस्थित लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर डिप्टी चीफ रोहिणी बागड़ भी मौजूद थीं।