भारतीय क्यू स्पोर्ट्स दिग्गज गीत सेठी 65 साल की उम्र में बिलियर्ड्स में वापसी करने जा रहे हैं। वे अगले महीने 19 से 22 अक्टूबर तक इंग्लैंड के ग्रेट वाइर्ली में वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप खेलेंगे। यह छह साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनकी वापसी होगी। अहमदाबाद में रहने वाले सेठी ने 1974 में पहली बार क्यू थामा था। वे 2018 की चैंपियनशिप के नॉकआउट स्टेज तक पहुंचे थे। सेठी मानते हैं कि उनकी उम्र उनके चेहरे से नजर नहीं आती। उन्होंने हंसते हुए कहा, मैं उम्र का नहीं दिखता, लेकिन महसूस अपनी उम्र का ही करता हूं। साल की शुरुआत में वापसी का मन बनाया सेठी की वापसी की कहानी इस साल की शुरुआत में शुरू हुई। उनके साथी और पूर्व क्यू खिलाड़ी अशोक शांडिल्य ने उन्हें मुंबई के दादर में हुई क्यू स्पोर्ट्स लीग खेलने के लिए तैयार किया। सेठी ने कहा, मैंने उस टूर्नामेंट में बिना ज्यादा अभ्यास के हिस्सा लिया। लेकिन बहुत मजा आया। घर लौटने के बाद मैंने खुद से कहा, ‘शुरू करते हैं। थोड़ा-सा ही खेलता हूं। गीत सेठी 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन रहे गीत सेठी भारत के सबसे सफल बिलियर्ड्स खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने प्रोफेशनल लेवल पर 5 बार वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीती। सेठी ने 1992, 1993, 1995, 1998 और 2006 में वर्ल्ड प्रोफेशनल बिलियर्ड्स चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा वे 1985, 1987 और 2001 में वर्ल्ड एमेच्योर बिलियर्ड्स चैंपियन भी बने। जून में गुजरात स्पोर्ट्स क्लब में फिर खेला टूर्नामेंट उन्होंने जून में गुजरात के स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। यह टूर्नामेंट मुंबई में हुए मुकाबले के फॉर्मेट जैसा ही था। सेठी ने कहा, गाने बजते हुए खेलना और पूरी क्यू स्पोर्ट्स बिरादरी से मिलना बहुत अच्छा लगा। यह अनुभव काफी मजेदार रहा। एशियन गेम्स में पांच मेडल्स जीते एशियन गेम्स में भी सेठी ने भारत को पांच मेडल्स दिलाए। 1998 बैंकॉक एशियन गेम्स में उन्होंने टीम इवेंट में गोल्ड और सिंगल्स में सिल्वर जीता। 2002 बुसान एशियन गेम्स में उन्होंने टीम इवेंट में सिल्वर और सिंगल्स में ब्रॉन्ज जीता, जबकि 2006 दोहा एशियन गेम्स में टीम इवेंट में ब्रॉन्ज हासिल किया। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें 1992-93 का राजीव गांधी खेल रत्न (अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न), 1986 में पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड समेत कई सम्मान मिले।