हनुमानगढ़ जिले के भादरा क्षेत्र में हर साल की तरह इस बार भी गोगामेड़ी मेला लग रहा है। यह मेला पूरे महीने चलता है। इसमें राजस्थान समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु आते हैं। सप्तमी, अष्टमी और नवमी के खास दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ जाती है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक के लिए खास इंतजाम किए हैं। मेले में भारी भीड़ को देखते हुए कानून-व्यवस्था और सुरक्षा मजबूत करने के लिए राजस्थान के कई जिलों से पुलिसकर्मी गोगामेड़ी पहुंचे हैं। ये सभी स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं। मेले में सुरक्षा के लिए खास जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी निगरानी के लिए मेला चौकी में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, मुख्य रास्तों और चेकपोस्ट पर नाकेबंदी और बैरिकेडिंग भी की गई है। भीड़ वाली जगहों पर ज्यादा पुलिस बल तैनात है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सही रहे और कोई दिक्कत न हो। एसपी ने इंतजामों का लिया जायजा सप्तमी, अष्टमी और नवमी के खास दिनों में बहुत ज्यादा भीड़ होने पर जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य समेत बड़े पुलिस अधिकारी खुद मैदान में उतरे। उन्होंने मुख्य चेकपोस्ट, आने-जाने के रास्तों और भीड़ वाली जगहों पर जाकर इंतजाम देखे। एसपी ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से जानकारी ली और खुद भीड़ व ट्रैफिक व्यवस्था को संभाला। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुस्तैदी से ड्यूटी करने के निर्देश दिए। इस दौरान अरविंद अन्य पुलिस अधिकारी भी महत्वपूर्ण चेकपोस्ट एवं ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता अधिकारियों द्वारा मौके पर तैनात पुलिस बल को भीड़ को व्यवस्थित रूप से नियंत्रित करने, यातायात को सुचारू बनाए रखने, श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। गोगामेड़ी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हनुमानगढ़ पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में तैनात है। पीक डेज़ के दौरान भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है।