हनुमानगढ़ के टाउन थाने में गोल्ड लोन के नाम पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मणिपुरम गोल्ड फाइनेंस लिमिटेड की मैनेजर द्रोपती समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि एक युवक से 10.47 ग्राम सोना हड़प लिया गया। शिकायतकर्ता सतीश (23) पुत्र लीलूराम सिरसा का रहने वाला है। वह फिलहाल हनुमानगढ़ के नौरंगदेसर में नजदीक शिव मिष्ठान भंडार, रावतसर रोड पर रहता है। सतीश पिछले चार साल से नौरंगदेसर ठेके पर काम कर रहा है। घरेलू जरूरतों के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर उसने गोल्ड लोन लेने के लिए मणिपुरम गोल्ड फाइनेंस लिमिटेड, बस स्टैंड, टाउन की मैनेजर द्रोपती से संपर्क किया। मैनेजर ने सोना रखकर लोन देने की बात कही। इस पर सतीश ने उसे अपने पास मौजूद 3 लॉकेट और 2 अंगूठियां दिखाईं, जिनका कुल वजन 10.47 ग्राम था। सोने की जांच के बाद उसे करीब 90 हजार रुपए का लोन मिलने की बात कही गई। मैनेजर ने उसके गहने रखकर एक हफ्ते बाद आने को कहा। एक हफ्ते बाद जब सतीश ने संपर्क किया, तो मैनेजर ने कभी स्टेज के मुद्दों तो कभी अधिकारियों के बाहर होने की बात कहकर उसे टाल दिया। जब उसने अपने सोने के गहने वापस मांगे, तो उसे बताया गया कि उसके खाते में पैसे जमा करने की कोशिश की जा रही है। 11 सितंबर 2025 को उसके भारतीय स्टेट बैंक, नौरंगदेसर शाखा के खाते में 87 हजार 126 रुपए जमा किए गए। इसी दौरान उसके मोबाइल से यूपीआई के जरिए 87 हजार 126.49 रुपए तुरंत वापस ट्रांसफर कर लिए गए। सतीश को खाते में पैसे जमा होने का मैसेज तो दिखाया गया, लेकिन पैसे वापस ट्रांसफर होने का मैसेज डिलीट कर दिया गया। बाद में खाते में पैसे नहीं होने पर जब उसने मैनेजर से जानकारी मांगी, तो उसे अलग-अलग बातें बताकर गुमराह किया गया। बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने पर उसे पता चला कि पैसे उसी दिन जमा हुए और उसी दिन वापस ट्रांसफर कर लिए गए थे। सतीश ने आरोप लगाया कि उसके कम पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई और उसके सोने के गहने नहीं लौटाए गए। बाद में कर्मचारियों के माध्यम से उसे जानकारी मिली कि उसके गहनों पर किसी अन्य व्यक्ति के नाम से लोन उठाकर राशि का उपयोग किया गया है।सतीश ने नरेश, सुमित्रा देवी सहित अन्य लोगों को साथ लेकर मैनेजर से बातचीत कर समाधान कराने का प्रयास किया, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। न्यायालय से प्राप्त इस्तगासा के आधार पर टाउन थाना पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच एएसआई कैलाशचंद को सौंपी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।